
आरोपी शमीम आसिम
फिल्मी स्टाइल में सरकारी नौकरी बांटने वाला कानपुर का शातिर जालसाज आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। नौबस्ता पुलिस ने शमीम आसिम नाम के उस 'मुन्ना भाई' को दबोचा है जो खुद को रेलवे, एलिम्को और सीओडी का बड़ा ठेकेदार बताकर बेरोजगार युवाओं से 30 लाख रुपये डकार चुका था। हैरानी की बात यह है कि वह एक महिला को मोहरा बनाकर पूरे परिवार को जाल में फंसा लेता था।
शमीम की ठगी का तरीका बेहद फिल्मी था। वह पहले एक महिला से संपर्क करता और उसे भरोसा दिलाता कि उसकी जान-पहचान बड़े अफसरों से है। इसके बाद उसी महिला के जरिए उसके रिश्तेदारों और परिचितों को टारगेट करता था। सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर वह किस्तों में पैसे लेता रहा। किसी ने बेटी की शादी के लिए रखे गहने बेच दिए तो किसी ने जमीन गिरवी रख दी। बदले में मिलते थे एकदम असली दिखने वाले फर्जी जॉइनिंग लेटर।
आवास विकास के पास जब पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर शमीम को पकड़ा तो स्कूटी की डिग्गी देखकर अफसर भी चौंक गए। अंदर से 12 विभागों के फर्जी आईडी कार्ड, सरकारी मुहरों का पूरा सेट, दर्जनों फर्जी लेटर पैड और जॉइनिंग लेटर का बंडल मिला। मुहर और कार्ड इतने असली थे कि बैंक वाले भी धोखा खा जाएं। साथ ही ठगी में इस्तेमाल मोबाइल और स्कूटी भी जब्त की गई।
कई महीने बीतने के बाद भी जब किसी की जॉइनिंग नहीं हुई तो पीड़ितों को शक हुआ। जब वे बताए गए दफ्तरों में पहुंचे तो पता चला कि न कोई वैकेंसी है और न ही शमीम नाम का कोई ठेकेदार। इसके बाद एक साथ कई पीड़ित नौबस्ता थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
प्रभारी निरीक्षक बहादुर सिंह की टीम ने जाल बिछाया। उपनिरीक्षक राजेश कुमार, दीपक भारती और हेड कांस्टेबल अखिलेश कुमार ने प्लान बनाकर आरोपी को आवास विकास से दबोच लिया। पूछताछ में शमीम ने कबूला कि वह पिछले 2 साल से यह खेल कर रहा था।
पुलिस अब शमीम का मोबाइल और बैंक खाते खंगाल रही है। आशंका है कि इस गिरोह में कई और लोग शामिल हैं जो अलग-अलग जिलों में सक्रिय हैं। पुलिस यह भी पता कर रही है कि अब तक कितने युवाओं को उसने ठगा है। आंकड़ा 30 लाख से कहीं ज्यादा हो सकता है।
Updated on:
24 Apr 2026 11:40 am
Published on:
24 Apr 2026 11:38 am
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