
खुदकुशी करने वाले आईपीएस सुरेंद्र दास के ससुर डॉ. रवेंद्र ने चुप्पी तोड़ी, गुप्त बातों का किया खुलासा
कानपुर. पत्नी और परिवार के बीच उलझकर मौत को गले लगाने वाले कानपुर के एसपी - पूर्वी आईपीएस सुरेंद्र दास की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। आईपीएस दास की पत्नी डॉ. रवीना के पिता डॉ. रावेंद्र ने चुप्पी तोड़ते हुए तमाम रहस्य खोले हैं। साथ ही बेटी को निर्दोष बताते हुए आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया है। उधर, आईपीएस सुरेंद्र दास के सुसाइड नोट का एक और पन्ना पुलिस को मिला है, लेकिन इस पेज में लिखी तमाम अहम बातों को छिपाने-दबाने में पुलिस के अफसर जुटे हैं। अफसरों ने यह तो कबूल किया कि सुसाइड नोट का एक पेज और मिला है, लेकिन उसे सार्वजनिक करने से परहेज है। रवीना के पिता की चुप्पी तोड़ते ही सुरेंद्र दास के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराने के सवाल पर गोल-मोल जवाब देना शुरू कर दिया है। दो दिन पहले तक जोर-शोर से रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कहने वाले बड़े भाई नरेंद्र अब मां की इच्छा के अनुसार कार्रवाई की बात कर रहे हैं।
सावन-भादौ में मांस-अंडा नहीं खाती है रवीना, कार को खुद ही इस्तेमाल करती है
जन्माष्टमी के मौके पर नॉनवेज बर्गर खाने के बाद आईपीएस सुरेंद्र और डॉ.रवीना की बात को सिरे से नकारते हुए डॉ. रवेंद्र ने कहाकि अव्वल उनके परिवार में कई वर्षों से सावन-भादौ में नॉनवेज नहीं खाया जाता है। इस परंपरा पर रवीना भी यकीन करती है। जन्माष्टमी के मौके पर नॉनवेज मंगाने की बात है तो संभवत: यह पालतू कुत्ते के लिए मंगाया गया था। कुत्ते के लिए बर्गर ? इस सवाल पर डॉ. रावेंद्र ने कहा कि क्या आर्डर किया गया था, यह अभी तक साफ नहीं है। अतीत के आर्डर के आधार पर फॉलोवर ने जो बता दिया, उसे अंतिम सत्य मान लिया गया। पुलिस पड़ताल में साफ हो जाएगा कि रवीना ने क्या और किसके लिए मंगाया था। मौत से जूझने के दौरान सरकारी बंगले से कार उठाने के आरोप पर रवीना के पिता ने कहाकि अव्वल मारुति की सियाज कार को बेटी को शादी के दौरान उपहार में दिया था। खुद बेटी ही इस कार का मेडिकल कालेज आने-जाने में इस्तेमाल करती थी। घटना वाले दिन वह सरकारी का से रीजेंसी आई थी, फिर मायके चली गई। दो दिन बाद भागदौड़ के लिए जरूरत पडऩे पर कैंट के सरकारी बंगले से कार को मंगा लिया था। ऐसे में यह कहना कि बेटी ने कार को उठा लिया, बेहूदा और शर्मनाक बयान है।
मियां-बीवी ने कभी भी आपस की तल्खी को बताया नहीं
डॉ. रावेंद्र ने दावा किया कि उनके दामाद और बेटी ने कभी भी आपस के झगड़े को बताया नहीं। ऐसा किया होता तो दोनों की काउंसिलिंग कराई जाती। उन्होंने कहाकि कुछ मामलों की जानकारी अवश्य थी, लेकिन बेहद निजी मामला होने के कारण दखल नहीं दिया। सोचा था कि दोनों ही पढ़े-लिखे हैं, लिहाजा खुद ही आपसी झगड़ा सुलझा लेंगे। उन्होंने कहाकि सुरेंद्र व रवीना दोनों ही प्रमुख त्योहारों पर व्रत करते थे, जन्माष्टमी पर भगवान की झांकी सजाते थे। ऐसे में फिजूल की बातों पर गौर करने का मतलब नहीं। उन्होंने कहाकि बेटी को बदनाम करने की कोशिश हुई तो कुछ ऐसी बातों को उजागर करना पड़ेगा, जिसके लिए दिल रजामंद नहीं है। उन्होंने बताया कि घटना के दो दिन पहले बेटी और दामाद दोनों फिल्म देखने गए थे, उसके बाद घर भी आना चाहते थे, लेकिन मैंने ही मना कर दिया। कारण यह था कि एपी पूर्वी से रिश्तों के बारे में ज्यादा लोग जाने, क्योंकि कई लोग काम के चक्कर में घर के बाहर पहुंचने लगते हैं।
सुसाइड नोट के दूसरे पन्ने पर सस्पेंस, बड़े भाई के सुर बदले
चर्चा है कि आईपीएस सुरेंद्र दास के घर से सुसाइड नोट का दूसरा पन्ना मिला है, लेकिन इस पन्ने में क्या लिखा है, यह स्पष्ट नहीं। मामले के विवेचनाधिकारी एसपी-क्राइम ने स्वीकार किया कि सुसाइड नोट का नया पन्ना सरकारी बंगले में जमीन पर पड़ा मिला है, लेकिन उन्होंने जांच जारी होने का हवाला देकर यह बताने से इंकार कर लिया कि आईपीएस सुरेंद्र दास ने दूसरे पन्ने में क्या लिखा था। चर्चा है कि उन्होंने किसी अन्य मामले में खुद को बेकसूर बताते हुए रवीना को सॉरी बोला था। बहरहाल, दूसरे सुसाइड नोट के सामने आने और रवीना के पिता डॉ. रावेंद्र के मुंह खोलने के बाद आईपीएस सुरेंद्र दास के परिजनों के सुर बदलने लगे हैं। मुखाग्नि देने वाले बड़े भाई नरेंद्र का अब कहना है कि कार्रवाई की मंशा है, लेकिन एफआईआर के बारे में अंतिम निर्णय मां से पूछकर लूंगा।
Published on:
13 Sept 2018 09:40 am
बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
