प्रभारी निरीक्षक जूही व पुलिस टीम ने लगभग 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। जांच के दौरान पता चला कि जीतू, अंकुर और धर्मेंद्र ने ट्रांसपोर्ट कंपनी से माल चोरी किया था और उसे रंजीत के घर पर छिपा दिया था। पुलिस जांच में सामने आया कि सभी आरोपित विभिन्न ट्रांसपोर्ट कंपनियों में पल्लेदारी का काम करते हैं। इसी कारण उन्हें माल के भंडारण और रख-रखाव की पूरी जानकारी थी, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने चोरी की योजना बनाई।