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कानपुर हिंसा: गिरफ्तार आरोपियों की जमानत अदालत ने खारिज की, निकल कर ये बातें आई सामने

3 जून को हुई हिंसा का मुख्य उद्देश्य चंदेश्वर हाता में रहने वाले लोगों में दहशत पैदा करना था। जिससे कि वहां के रहने वाले सभी पलायन कर जाएं । इस कार्य के लिए एक करोड़ में सौदा तय हुआ था। आज गिरफ्तार आरोपियों की जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान यह बात निकल कर सामने आई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत की अर्जी को अस्वीकार कर दिया।        

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कानपुर हिंसा: गिरफ्तार आरोपियों की जमानत अदालत ने खारिज की, निकल कर यह बातें आई सामने

कानपुर हिंसा: गिरफ्तार आरोपियों की जमानत अदालत ने खारिज की, निकल कर यह बातें आई सामने

नूपुर शर्मा तो बहाना थी मकसद चंदेश्वर हाता पर कब्जा करने का था। मुख्तार बाबा के बेटे ने इस मामले में साजिश रची थी और उसने पत्थरबाजी करने वालों को पैसे का वितरण किया था। यह मीटिंग मुख्तार बाबा के बिरियानी रेस्टोरेंट में हुई थी। जिसमें पत्थरबाजी, गोली, बम चलाने वालों के रेट निर्धारित किए गए थे। लेकिन पत्थर का जवाब पत्थर से मिलने पर सफल नहीं हुए। मौके पर पुलिस के पहुंचने के बाद उन पर भी पथराव जारी रहा। गिरफ्तार उपद्रवियों के जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में यह रहस्य उजागर किया। उल्लेखनीय है बीते 3 जून को प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति की कानपुर यात्रा के दौरान नई सड़क पर जमकर बवाल हुआ था। बताया गया था कि नूपुर शर्मा के बयान से नाराज होकर यह घटना की गई है।

कानपुर हिंसा के दौरान चंदेश्वर हाता उपद्रवियों के निशाने पर था। विवेचना के दौरान यह बात निकलकर सामने आई। कानपुर की पुलिस 3 जून को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगी थी। सोची समझी साजिश के तहत यह घटना की गई। आज जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान कानपुर के मशहूर बिल्डर वशी, बाबा बिरियानी बाबा स्वीट्स के नाम से कारोबार करने वाले मुख्तार बाबा और हयात का भी जिक्र हुआ।

जमानत याचिका खारिज की गई

अपर जिला जज 16 की अदालत में आज कानपुर हिंसा में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसकी आज सुनवाई हो रही थी। आज की सुनवाई में विक्की उर्फ आसिफ अली निवासी आचार्य नगर, शहंशाह उर्फ नईम निवासी सीसामऊ, अरशद निवासी गांधीनगर, फरहान कालिया निवासी हुमायूं बाग, मोहम्मद अरबाज, मोहम्मद नसीम निवासी गण छोटे मियां का हाता कर्नलगंज की जमानत पर सुनवाई हो रही थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत की अर्जी खारिज कर दी।

उद्देश्य दहशत के बाद पलायन कर जाएंगे लोग

एसआईटी की जांच में निकल कर सामने आया कि नई सड़क का उपद्रव चंदेश्वर हाता को खाली करने के लिए किया गया था। मुख्तार बाबा और मसूर बिल्डर व सीने एक करोड़ में सौदा तय किया था। इस संबंध में बाबा बिरियानी रेस्टोरेंट में मीटिंग हुई थी। जिसमें मुख्तार बाबा हाजी वशी सहित कई अन्य लोग शामिल हुए थे। जिसमें इसी मीटिंग में गोली बम और पत्थर चलाने वालों के रेट निश्चित किए गए थे। उद्देश्य था इतना दहशत फैला दो कि सभी लोग पलायन कर जाएं।

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