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इस सीट के चलते ‘बाबा’ और ‘बेटी’ में बढ़ सकती हैं दूरियां

कानपुर शहर की किदवई नगर सीट के लिए कई भाजपाई लखनऊ से लेकर दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं।

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Akansha Singh

Sep 10, 2016

uma murli

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कानपुर। चुनावी मौसम में अपने भी पराए हो और दोस्त दुश्मन बन जाते हैं। चुनावी आहट लगते ही उम्मीदवार अपने-अपने कद्दावर नेताओं से संपर्क बनाना शुरू कर दिया है। कानपुर शहर की किदवई नगर सीट के लिए कई भाजपाई लखनऊ से लेकर दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। 2012 के चुनाव में उमा भारती के खास विवेकशील शुक्ला को यहां से चुनाव लड़ा था और मात्र पांच सौ मतों से कांग्रेस के अजय कपूर से इन्हें हार झेलनी पड़ी थी। 2017 के लिए इस बार किदवई नगर सीट से भाजपा में एक नहीं कई दवेदार खुलकर सामने आ गए हैं। विवेक शुक्ला को उमा भारती का करीबी माना जा रहा है, वहीं तीन बार से विधायक रहे दूसरे दावेदार बालचंद्र मिश्रा को डाॅक्टर मुरली मनोहर जोशी का अर्शीवाद मिला हुआ है।


बता दें मुरली मनोहर जोशी केंद्रीय मंत्री उमा भारती को बेटी कहकर पुकारते हैं। कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम के दौरान जहां उमा भारती ने मुरली मनोहर जोशी को बाबा कहकर पुकारा था, तो बाबा ने भी अपनी मुंहबोली बेटी को गले लगाकर उनका हर कदम पर साथ देने का आर्शीवाद दिया था। लेकिन अब देखने वाली बात है कि उमा के छोटे भाई विवेक पर बाबा किस तरह मेहरबानी करते हैं। भाजपा सूत्र बताते हैं कि जहां अमित शाह उमा के विवेक के साथ खड़े हैं, तो वहीं बाबा के साथ भाजपा कानपुर संगठन की पूरी लाॅबी लगी हुई है।


ब्राम्हण मतदाता निभाते हैं निर्णायक भूमिका
एशिया की सबसे बड़ी विधानसभा के तमगे के नाम से जाने वाली गोविन्द नगर विधानसभा से नए परसीमन के तहत 2012 में किदवई नगर अस्तित्व में आई। अजय कपूर ने पिछले विधानसभा चुनाव में गोविनद नगर से अपने छोटे भाई को लड़वाकर खुद किदवई नगर से चुनाव लड़ा था। उमा भारती के कहने पर विवेकशील शुक्ला को भाजपा ने टिकट दिया। जिसका पार्टी के अंदर कई दिनों तक विरोध हुआ। बावजूद विवेकशील शुक्ला ने कम समय में अजय कपूर को बैकफुट पर ला दिया था। अगर जातिगति आंकड़ों पर गौर किया जाए तो किदवई नगर विधानसभा में 20 फीसदी ब्राम्हण मतदाता हैं, जो हार जीत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। 2012 के चुनाव में कई ब्राम्हण नेता अजय कपूर के पाले में चले गए थे, जिसके चलते यहां भाजपा को हार उठानी पड़ी थी।


विवेक साथ शहंशाह, मिश्रा के साथ बाबा खड़े
किदवई नगर सीट आने वाले समय में भाजपा के लिए सबसे बड़ी मुसीबत लाने वाली है। भाजपा सूत्रों की मानें तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह विवेकशील शुक्ला के पक्ष में हैं। वहीं सांसद मुरली मनोहर जोशी भी चुनावी आहट के चलते अपने करीबियों को टिकट दिलवाने के लिए लगे हुए हैं। डाॅक्टर जोशी के करीबी माने जाने वाले बालचन्द्र मिश्रा की स्थानीय नेताओं में अच्छी मानी जाती है। वह कानपुर नगर से वह तीन बार विधायक रहे हैं। वह वर्तमान में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष भी है। बालचन्द्र मिश्रा के पक्ष में एकबात और खुलकर सामने आई है कि वह शहर के बड़े ब्राम्हण चेहरा हैं । साथ ही नगर व देहात में ब्राम्हण मतदाताओं पर उनकी अच्छी पकड़ है।


तीसरे दावेदार संघ की शरण में
किदवईनगर सीट को लेकर जहां दो ब्राम्हण चेहरे अपनी ताकत लगाए हुए हैं, वहीं इसी का फायदा उठाते हुए तीसरे ने भी अपना दावा पेश कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के जिला नगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी की भी नजर किदवई नगर सीट में थी और उन्होंने खुलकर तो मांग नहीं की, लेकिन जब बिठूर में संघ प्रमुख मोहन भागवत व राममाधव बैठक कर रहे थे, तब मैथानी व्यक्तिगत तौर पर मिलने के लिए गए थे। भाजपा सूत्रों का कहना है कि पिछले रविवार को यूपी प्रभारी ओम माथुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद से सुरेंद्र मैथानी की बात हुई थी। वहीं इस मामले पर जब सुरेंद्र मैथानी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मैं भाजपा का एक छोटा सा सिपाही हूं, जो पार्टी कहेगी, हम सब उसी का पालन करेंगे।

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