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‘बस अब मन नहीं… SORRY’, सुसाइड नोट लिखकर BPSC शिक्षक ने दे दी जान, आखिरी बार मां से की थी बात

Bihar News: यूपी के प्रतापगढ़ के रहने वाले BPSC शिक्षक ने बिहार के भोजपुर में फांसी लगाकर जान दे दी। बेड पर मिले सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी जिंदगी खत्म करने से पहले केवल इतना लिखा, "बस अब मन नहीं है किसी चीज का, SORRY।"

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 03, 2026

bihar news| bpsc teacher suicide

घटनास्थल पर मौजूद भीड़ और शिक्षक की फाइल फोटो

Bihar News: बिहार के भोजपुर जिले में बिहार पलोक सेवा आयोग (BPSC) से चुने गए एक युवा टीचर ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कमरे से मिले सुसाइड नोट में बस इतना लिखा था, "बस अब मन नहीं है, किसी भी चीज का... SORRY।" उसने आत्महत्या से ठीक एक दिन पहले ही अपनी मां से फोन पर बात की थी और बताया था कि सब ठीक है।

किराए के कमरे में मिला शव

यह घटना भोजपुर जिले के पीरो थाना क्षेत्र की है। जहां सोमवार को पीरो शहर के वार्ड नंबर 16 के नवीनागर इलाके में BPSC शिक्षक सौरभ कुमार गुप्ता (25) का शव उनके किराए के कमरे में पंखे से लटका मिला। सौरभ उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के लालगंज बाजार का रहने वाला था और पीरो ब्लॉक के तार मिडिल स्कूल में टीचर के तौर पर काम कर रहा था।

सोमवार को सौरभ के कमरे का दरवाजा जब काफी देर तक बंद रहा, तो मकान मालिक को कुछ गड़बड़ होने का शक हुआ। बार-बार फोन करने और दरवाजा खटखटाने पर भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मकान मालिक द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और कमरे के अंदर सौरभ का शव फंदे से लटका हुआ पाया।

बिस्तर पर मिला सुसाइड नोट

जब पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, तो उन्हें बिस्तर पर एक छोटा सा सुसाइड नोट मिला। नोट में सिर्फ कुछ शब्द लिखे थे, "बस अब मन नहीं है, किसी भी चीज का... SORRY।" पुलिस ने तुरंत सुसाइड नोट जब्त कर लिया। वे सौरभ का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए।

मां से आखिरी बातचीत

सौरभ के परिवार वालों के मुताबिक, उसने आत्महत्या से ठीक एक दिन पहले रविवार शाम को अपनी मां और भाई से फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान उसने बताया कि वह खाना बना रहा है और सब कुछ सामान्य है। उसके परिवार वालों ने बताया कि उस बातचीत के दौरान उन्हें सौरभ में कोई घबराहट या तनाव महसूस नहीं हुआ। यही वजह है कि सोमवार को मिली खबर ने पूरे परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया।

शांत स्वभाव का था सौरभ

सौरभ के साथी टीचरों और मकान मालिक के मुताबिक, वह बहुत शांत और सीधे स्वभाव का था। वह ज्यादातर अपनी पढ़ाई और पढ़ाने पर ध्यान देता था। स्कूल में छात्रों के प्रति उसका व्यवहार सौम्य और जिम्मेदार माना जाता था। साथी टीचरों का कहना है कि सौरभ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा था और उत्तर प्रदेश की अन्य परीक्षाओं को लेकर भी गंभीर था। हालांकि, कुछ टीचर यह भी कहते हैं कि पिता की मौत के बाद से वह कम बात करने लगा था।

नौकरी होने के बावजूद उसका हौसला क्यों टूट गया?

सौरभ को मई 2025 में BPSC TRE के तहत नौकरी मिली थी। यह अभी भी साफ नहीं है कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद भी उसने आत्महत्या जैसा इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। उसके परिवार वालों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से वह अपनी नौकरी को लेकर उलझन और मानसिक थकान महसूस कर रहा था। उसने छुट्टी लेकर घर आने की बात भी की थी, लेकिन इससे पहले ही यह दुखद घटना हो गई।

पुलिस ने जांच शुरू की

पीरो पुलिस स्टेशन ने शव को कब्जे में लेकर जरूरी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। टीचर का मोबाइल फोन ज़ब्त कर लिया गया है और यह पता लगाने के लिए कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है कि उसने अपने आखिरी पलों में किससे बात की थी। थानाध्यक्ष के मुताबिक, परिवार वालों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आत्महत्या के कारणों की सभी एंगल से जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। टीचर समुदाय, छात्र और स्थानीय लोग इस खबर से सदमे में हैं। उसके परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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