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क्या ‘नवरुणा और सुशांत केस’ की तरह अनसुलझी रह जाएगी NEET छात्रा की मौत? परिजनों को क्यों सता रहा डर

Patna Hostel Case: NEET छात्रा रेप-मौत केस में CBI जांच की सिफारिश होने के बाद भी, पीड़ित परिवार को शिल्पी गौतम और नवरुणा जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों के नतीजों की याद आ रही है। उन्हें डर है कि यह मामला भी कहीं क्लोजर रिपोर्ट बनकर सीबीआई के फाइलों में न दब जाएगा।

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 02, 2026

patna hostel case. neet student rape death case

पटना शंभू गर्ल्स हॉस्टल केस (फोटो- AI Generated)

Patna Hostel Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही जहानाबाद की नाबालिग छात्रा के कथित दुष्कर्म और मौत की जांच भले ही CBI को सौंप दी गई है, लेकिन पीड़ित परिवार की चिंताएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। जांच की सिफारिश किए जाने के बाद भी CBI ने अभी तक मामला अपने हाथ में नहीं लिया है। परिवार को डर है कि यह मामला भी देश के कुछ हाई-प्रोफाइल लेकिन अनसुलझे मामलों की तरह खत्म हो सकता है, जैसे नवरुणा चक्रवर्ती हत्याकांड और सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत, जहां जांच लंबे समय तक चली और बिना किसी ठोस नतीजे के बंद कर दी गई।

CBI को सौंपी गई जांच

राज्य सरकार ने NEET छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और मौत की जांच के लिए CBI को एक प्रस्ताव भेजा है। प्रक्रिया के अनुसार, CBI औपचारिक रूप से मामला तभी दर्ज करेगी और जांच शुरू करेगी जब केंद्र सरकार के गृह/कार्मिक विभाग द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। हालांकि, इस औपचारिकता में लगने वाले समय ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि जांच CBI को देकर केस को लटका दिया गया है।

21 दिन बीत गए, जवाब अभी भी अधूरे

छात्रा की मौत 11 जनवरी को हुई थी। अब 21 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी यह साफ नहीं है कि छात्रा के साथ असल में क्या हुआ था। पहले एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और फिर क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने मामले की जांच की, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। SIT ने अब अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे CBI को मामला अपने हाथ में लेते ही सौंप दिया जाएगा।

परिवार को क्या लग रहा डर?

परिवार की आशंका CBI के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी है। बॉबी हत्याकांड, नवरुणा चक्रवर्ती मामला, शिल्पी-गौतम हत्याकांड और सुशांत सिंह राजपूत की मौत जैसे मामलों में CBI ने लंबी जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है, या कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। परिवार को डर है कि NEET छात्रा का मामला भी उसी रास्ते पर जा सकता है।

CBI अलग क्या करेगी?

सूत्रों के अनुसार, मामला अपने हाथ में लेने के बाद CBI एक नई FIR दर्ज करेगी और SIT की जांच को आगे बढ़ाएगी। एजेंसी छात्र के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), ट्रैवल हिस्ट्री और सोशल कॉन्टैक्ट्स की पूरी जांच करेगी। DNA टेस्टिंग का दायरा बढ़ाते हुए, ज़्यादा लोगों से सैंपल लिए जा रहे हैं और उनकी तुलना छात्र के कपड़ों पर मिले बायोलॉजिकल सबूतों से की जाएगी। SIT ने पहले ही 25 लोगों से DNA सैंपल ले लिए हैं, जबकि 15 और सैंपल अभी लिए जाने बाकी हैं।

वायरल वीडियो और नए सवाल

इस बीच, हॉस्टल का एक वीडियो, जो कथित तौर पर 6 जनवरी का है, सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। फुटेज में दूसरे छात्र, छात्र के कमरे का दरवाज़ा खटखटाते हुए, अंदर जाने की कोशिश करते दिख रहे हैं, और फिर एक आदमी छात्र को बेहोशी की हालत में बाहर ले जाता हुआ दिख रहा है। इस वीडियो ने जांच के बारे में नए सवाल खड़े कर दिए हैं - कमरे में कौन गया, कब, और किस हैसियत से?

जांच के लिए टाइमफ्रेम तय करने की मांग

परिवार वालों का कहना है कि उन्हें जांच एजेंसी के नाम से नहीं, बल्कि जांच के नतीजों से मतलब है। वे मांग करते हैं कि CBI जल्द से जल्द औपचारिक रूप से केस अपने हाथ में ले, जांच के लिए एक टाइमफ्रेम तय करे और प्रगति को पारदर्शी तरीके से शेयर करे।

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