
बिहार डिप्टी CM सम्राट चौधरी (IANS)
Patna Hostel Case: पटना में NEET परीक्षा की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा के कथित रेप और मौत ने बिहार की राजनीति और प्रशासन को हिला दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच अब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंप दी गई है। इस फैसले के बाद, बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि सरकार इस मामले में दखल नहीं देगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि CBI एक स्वतंत्र एजेंसी है और जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए।
रविवार को मीडिया से बात करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि इस मामले में पहले से ही जांच चल रही थी, लेकिन पीड़ित परिवार और कई राजनीतिक दल लगातार जांच एजेंसियों पर अविश्वास जता रहे थे। उन्होंने कहा, "सरकार जनता की भावनाओं के साथ है, लोगों की उम्मीदों के साथ है। हम चाहते हैं कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले, और इसके लिए एक निष्पक्ष जांच जरूरी है।"
उपमुख्यमंत्री ने साफ किया कि इसीलिए सरकार ने मामला CBI को सौंपने का फैसला किया, ताकि किसी भी शक की गुंजाइश न रहे। सम्राट चौधरी ने साफ तौर पर कहा कि सरकार CBI जांच में दखल नहीं देगी। उन्होंने कहा कि CBI पूरी तरह से स्वतंत्र एजेंसी है और जांच की दिशा वही तय करेगी। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि CBI को सौंपे गए कई पुराने मामले अभी तक क्यों नहीं सुलझे हैं, तो उपमुख्यमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया और चुप रहे।
पिछले 23 दिनों में इस मामले में तीसरी जांच एजेंसी शामिल हुई है। शुरुआत में बिहार पुलिस मामले की जांच कर रही थी, फिर एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई और फिर जांच में क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) की एंट्री हुई। इसके बावजूद, पीड़ित परिवार इन जांचों से संतुष्ट नहीं था और पुलिस पर लापरवाही और मामले को दबाने की कोशिश के आरोप लगा रहा था। इसके बाद, अब मामला CBI को सौंप दिया गया है।
इस बीच, शुरुआती जांच में कथित लापरवाही के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया, जिससे स्थानीय पुलिस द्वारा मामले को संभालने के तरीके पर सवाल और गहरे हो गए। इससे सरकार पर जांच एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का दबाव बढ़ गया।
गृह विभाग ने दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत CBI जांच की सिफारिश की है। केंद्र सरकार का कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग अब इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी करेगा। इसके बाद, CBI पटना पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर एक नया मामला दर्ज करेगी। CBI सभी संदिग्धों, गिरफ्तार आरोपियों, हॉस्टल से जुड़े लोगों, अस्पताल के कर्मचारियों, परिवार के सदस्यों और संबंधित पुलिस अधिकारियों के नए बयान दर्ज करेगी। बिहार पुलिस अब तक इकट्ठा किए गए सभी 25 DNA सैंपल, डिजिटल सबूत और मोबाइल लोकेशन डेटा भी CBI को सौंप देगी, जिनकी दोबारा जांच की जाएगी ताकि कोई भी सच्चाई छिपी न रहे।
Published on:
01 Feb 2026 06:01 pm

बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
पटना
बिहार न्यूज़
ट्रेंडिंग
