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मुर्दों पर लपेटा जाने वाला कपड़ा कैसे बन गया शहर के अमीरों की पसंद

मिस्र में ममी (महारानियों के शव) पर लपेटा जाता था लिनेन का कपड़ा आज बना शहर के रईसों की खास पसंद, नमी सोखने की होती क्षमता

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लाशों पर लपेटा जाने वाला कपड़ा शहर में बिकता ४००० रुपए मीटर के भाव पर

लाशों पर लपेटा जाने वाला कपड़ा शहर में बिकता ४००० रुपए मीटर के भाव पर

कानपुर। दीपावली पर शहर में इस कपड़े की बेशुमार मांग है। यह खास कपड़ा मिस्र में महारानियों के शवों पर लपेटकर रखा जाता था, जिसे ‘ममी’ कहा जाता था। आज यही कपड़ा रईसों की पसंद बना हुआ है। इसे ‘लिनेन’ कहा जाता है। इसका रेट ४००० रुपए मीटर तक है। इस कपड़े की खासियत की वजह से ही इसे ‘ममी’ पर लपेटकर रखा जाता था। यह कपड़ा आज महंगे कपड़ों में शामिल है।

यह है लिनेन की खासियत
लिनेन एक ऐसा प्राकृतिक फैब्रिक है, जिसमें नमी सोखने की अद्भुत क्षमता होती है। इसे फाइबर फ्लैक्स कहा जाता है। यह एक एंटी बैक्टीरियल कपड़ा होता है। इतना ही नहीं लिनेन अल्ट्रावायलट किरणों से सुरक्षा देता है, जो सर्दी में काफी फायदेमंद होता है। इस कपड़े की खूबियों की वजह से ही इसे मिस्र में ममी पर लपेटकर रखा जाता था। जिसकी वजह से शव कई दिनों तक खराब नहीं होता था।

नोट को खराब होने से बचाता
भारतीय मुद्रा में शामिल कागज के नोटों पर भी लिनेन की परत होती है। यही वजह है कि कागज का नोट कई दिनों तक खराब नहीं होता है। लिनेन की परत नोट की उम्र बढ़ा देती है। लिनेन को पांच तरह के धागों से तैयार किया जाता है। जिसमें कॉटन, ऊन, विस्कोस, लिनेन, पॉलीएस्टर, सिल्क का इस्तेमाल होता है।

चीन ने उतारा सस्ता लिनेन
लिनेन की लोकप्रियता को देखते हुए चीन ने बाजार में सस्ता लिनेन उतारा है। इसका रेट महज १०० से ३०० रुपए प्रति मीटर है। चीन के उतारे गए लिनेन के इस डुप्लीकेट को रेमी कहा जाता है। यह कपड़ा भी बाजार में काफी मात्रा में मौजूद है। इसे पॉलीएस्टर से तैयार किया जाता है। इस चीनी लिनेन में फिनिशिंग तो गजब की होती है, लेकिन यह कपड़ा हेल्थ फ्रेंडली नहीं होता है।

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