समूचे उत्तर प्रदेश में सिर्फ एक परशुराम मंदिर है, जो परसौरा गांव में स्थित है। हिंदू धर्म मे परशुराम जी को भगवान का दर्जा दिया गया है। कहा जाता है कि इनकी एक प्रतिमा श्रीनगर जम्मू के बीच स्थित रघुनाथ मंदिर मे स्थापित की गयी है। लेकिन उनका जन्म स्थान परसौरा गांव मे होने की वजह से उनकी जयंती के दिन इस गांव मे दूर दराज से लोग उनके दर्शन के लिये आते हैं। महिलायें ढोल मजीरा गाजे बाजे के साथ मंगल गीत गाती हैं, तो पुरुष भी हवन पूजन कर उनका स्मरण करते हैं। श्रद्धालु सुबह 3 बजे से ही कतार में उनके दर्शन के लिये खड़े हो जाते हैं। भारी जन सैलाब होने के चलते अफरा तफरी का माहौल प्रतीत होता है। उनके जयकारों से पूरा गांव सराबोर हो जाता है। मंदिर से पांच सौ मीटर की दूरी पर शिवनाला एक स्थान है, जहां मां रेणुका मटकी मे जल भरने जाया करती थी। महिलायें आज भी उस नाले का जल भरकर घर लाती है। कहते है उस जल को पीने से लोग अमृत्व की ओर अग्रसर होते है।