कानपुर देहात. हिंदू धर्म मे सावन के माह का अलग महत्व है। जिसमें लोग पूरे माह अपनी मान्यता के अनुसार व्रत रखना, मंदिरों में रोजाना पूजा अर्चना करना और कांवड़िए कांवड़ के साथ गंगा घाट से जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। वहीं पूजा की दृष्टि से भावी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के परिवार के लिये भी सावन का महीना विशेष महत्वपूर्ण है। कोविंद के पिता स्व. मैकूलाल से लेकर आज उनकी भाभी विधावती उस परिपाटी को बखूबी निभा रही हैं। झींझक में रहकर वह अपने घर के बाहर बने शिवलिंग पर रोजाना सुबह शाम पूजा अर्चना करती हैं। लेकिन सावन के माह में विशेष तौर पर वह बेलपत्री पर ऊं लिखकर और फल, गंगाजल व दूध का भोग लगाती हैं। पूरे महीने वह भगवान शिव की आराधना करती हैं। उनका कहना है कि लल्ला (रामनाथ कोविंद) खुद भी ईश्वर में बहुत विश्वास रखते हैं और ससुर स्व. मैकूलाल सावन के पूरे माह पूजन किया करते थे, ये प्रथा तब से चली आ रही है।