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कानपुर राजकीय महिला संवासिनी गृह की घटना पर विपक्ष हमलावर, सत्ता पक्ष का पलटवार

-एसपी कानपुर ने किया खुलासा दो नहीं, सात संवासिनी थीं गर्भवती

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कानपुर राजकीय महिला संवासिनी गृह की घटना पर विपक्ष हमलावर, सत्ता पक्ष का पलटवार

कानपुर राजकीय महिला संवासिनी गृह की घटना पर विपक्ष हमलावर, सत्ता पक्ष का पलटवार

कानपुर. राजकीय बालिका संवासिनी गृह कानपुर का मामला जब से सामने आया है तब से राजनीतिक हलकों में खलबली मची हुई है। बताया जा रहा है कि बालिका संवासिनी गृह में सभी 57 लड़कियां कोरोना पाजिटिव पाई गई हैं। साथ ही यह बात सामने आई है कि दो नहीं सात लड़कियां गर्भवती हैं। इस मामले पर एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि सभी बालिकाएं संरक्षण गृह में लाने के वक्त गर्भवती थीं। अब इस मामले में सियासती रंग भी आ गया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस मामले को बिहार के मुजफ्फरपुर और देवरिया शेल्टर होम से जोड़ते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा है वहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार से शारीरिक शोषण करनेवालों के ख़िलाफ़ तुरंत जांच बैठाने की मांग की है। प्रियंका के पोस्ट से नाराज भाजपा ने कहाकि प्रियंका यूपी सरकार से नफ़रत के चलते मनगढंत कहानियां बना रही हैं।

कानपुर के स्वरूप नगर में राजकीय बालिका संवासिनी गृह में 57 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। इनमें 7 गर्भवती हैं। दो गर्भवती लड़कियों में से एक एचआईवी पॉजिटिव भी है दूसरी लड़की को हेपेटाइटिस सी का संक्रमण पाया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग शेल्टर होम आने से पहले प्रग्नेंट थीं। आरोपियों के खिलाफ मुकदमें दर्ज हैं। कोरोना संक्रमित दो बालिकाओं को हैलट व बाकी तीन को रामा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है।

एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि पांच कोरोना संक्रमित संवासिनी आगरा, एटा, कन्नौज, फिरोजाबाद और कानपुर के बाल कल्याण समिति से संदर्भित करने के बाद यहां आई थीं। पॉक्सो एक्ट के तहत एक किशोरी कन्नौज और दूसरी किशोरी आगरा से कानपुर आई है। रेस्क्यू के समय ही दोनों गर्भवती थीं। संरक्षण के समय से दोनों के गर्भवती होने का रिकॉर्ड है।

जांच के नाम पर सब कुछ दबा दिया जाता : प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपने फेसबुक पर पोस्ट किया कि कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह में 57 बच्चियों की कोरोना वायरस के लिए जांच होने के बाद एक हैरान करने वाला तथ्य सामने आया है कि दो लड़कियां गर्भवती निकलीं और एक एड्स पॉजिटिव। उन्होंने लिखा, 'मुजफ्फरपुर (बिहार) के बालिका गृह का पूरा किस्सा देश के सामने है। उत्तर प्रदेश के देवरिया से भी ऐसा मामला सामने आ चुका है।' प्रियंका ने कहा कि ऐसे में फिर से इस तरह की घटना सामने आना दिखाता है कि जांच के नाम पर सब कुछ दबा दिया जाता है, लेकिन सरकारी बाल संरक्षण गृहों में बहुत ही अमानवीय घटनाएं घट रही हैं।

भाजपा का पलटवार :- इस पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ चंद्रमोहन ने पलटवार करते हुए कहाकि कानपुर बालिका गृह पर प्रियंका की मनगढंत कहानी बेहद निंदनीय है। प्रियंका और कांग्रेस सिर्फ झूठ का व्यापार बढ़ाने का काम कर रही हैं। योगी सरकार में हर बालिका का सम्मान सुरक्षित है।

तुरंत जाँच बैठाए योगी सरकार : अखिलेश यादव

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कानपुर राजकीय बालिका संवासिनी गृह मामले पर सोमवार को एक ट्विट किया, जिसमें कहाकि कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह से आई ख़बर से उत्तर प्रदेश में आक्रोश फैल गया है। कुछ नाबालिग लड़कियों के गर्भवती होने का गंभीर खुलासा हुआ है।. इनमें 57 कोरोना से व एक एड्स से भी ग्रसित पाई गयी है, इनका तत्काल इलाज हो। सरकार शारीरिक शोषण करनेवालों के ख़िलाफ़ तुरंत जाँच बैठाए।

कानपुर डीएम का ट्वीट :- इस मामले पर डीएम ने ट्वीट किया कि कुछ लोगों के कानपुर संवासिनी गृह को लेकर ग़लत उद्देश्य से पूर्णतया असत्य सूचना फैलाई गई हैं। आपदाकाल में ऐसा कृत्य संवेदनहीनता का उदाहरण है। कृपया किसी भी भ्रामक सूचना को जांचे बिना पोस्ट न करें। ज़िला प्रशासन इस संबंध में आव़श्यक कार्रवाई के लिए लगातार तथ्य एकत्र कर रहा है।