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मां के लिए पानी की टंकी पर चढ़ गया वीरू, ठेकेदार को कान पकड़ कर कहना पड़ा सॉरी

ठेकेदार से मजूदर मांग रहा था पैसे, नहीं देने पर बन गया शोले का वीरू, टंकी से छलांग लगाने की दी धमकी

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ठेकेदार से मजूदर मांग रहा था पैसे, नहीं देने पर बन गया शोले का वीरू, टंकी से छलांग लगाने की दी धमकी

मां के लिए पानी की टंकी पर चढ़ गया वीरू, ठेकेदार को कान पकड़ कर कहना पड़ा सॉरी

कानपुर। बॉलीबुड के रूपहले पर्दे पर 1976 को शोल फिल्म आई थी, जिसमें गब्बर सिंह के डॉयलाग आज भी लोगों की जुबां पर हैं। साथ ही बसंती को पाने के लिए वीरू पानी की टंकी पर चड़ जाता है छलांग लगाने की धमकी देता है। यह सीन आमजन के दिलोदिमाग में बसा हुआ है और जब सरकारी अफसर, राजनेता व दबंग किसी को सताते हैं तो वह वीरू बन जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा चकेरी थानाक्षेत्र के जाजमऊ में देखने को मिला। यहां जब बीमार के इलाज के लिए ठेकेदार ने पैसे नहीं दिए तो मजदूर पानी की टंकी पर चड़ गया और सुसाइड की धमकी देने लगा। सूचना पर पहुंची पुलिस उसे नीचे उतर आने को कहा पर इस वीरू ने शर्त रख दी। जब तक ठेकेदार आकर माफी के साथ मजदूरी की रकम देने का वादा नहीं करता तब तक मैं नीचे नहीं आऊंगा। आखिरकार ठेकेदार को मजदूर की बात के साथ ही कान पकड़ कर माफी मांगनी पड़ी।
मांग रहा था मजदूरी के पैसे
मूल रूप से पश्चिम बंगाल के मालदाह जिले का निवासी उत्तम (30) नमामि गंगे योजना में सीवर लाइन सफाई का काम करने आया था। उत्तम रविवार को कानपुर आया और ठेकेदार से मां के इलाज के लिए मजूदरी का पैसा मांगा। ठेकेदार ने बताया कि एक भी दिन काम नहीं करने पर मैंने उससे कहा कि कुछ दिन नौकरी करो, फिर पूरा पैसा लेकर अपने घर चले जाना, पर वह बिफर गया और पानी की टंकी में चड़कर जान देने की धमकी देने लगा। हमलोगों ने जब उसे टंकी से नीचे उतारने की कोशिश की तो वह पथराव कर दिया, जिससे कई लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंवी पुलिस ने किसी तरह उसे नीचे उतारा और प्राथमिक इलाज के लिए अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाया
मानसिक रूप से विक्षिप्त है
ठेकेदार ने बताया कि उत्तम रविवार को शहर आया था। वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है। उसका इलाज चल रहा था। दोपहर को वह जाजमऊ स्थित बीमा अस्पताल के पास साथी कर्मचारियों के साथ सफाई का काम कर रहा था। कि अचानक उसे दौरा पड़ा और वह वहां से चिल्लाते हुए भागा। इसके बाद वह पानी की टंकी पर चढ़ गया। वह टंकी से कूदकर जान देने की बात कहने लगा। वहीं मजदूर का कहना था कि ठेकेदार से मैंने कुछ रूपए मां के इलाज के लिए मांगे, लेकिन उसने देने से इंकार कर दिया। मैं उससे गिड़गिड़ाया तो उसने मुझे पीट दिया। जिसके चलते मैं पानी की टंकी में चड़ कर जान देने की कोशिश की। मजूदर ने कहा कि अगर वह पैसे देने की बात नहीं करता तो मैं टंकी से छलांग लगा देगा।
इलाज के बांद बंगाल किया रवाना
पुलिस ने किसी तरह उसे समझाया और पानी की टंकी से नीचे उतारा। इस दौरान वह पुलिस के साथ मारपीट पर उतारू हो गया। पुलिस ने उसे किसी तरह से काबू में कर अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाया। डॉक्टरों ने उसे मानसिक रोगी बताया। ठेकेदार ने उसे पैसे देकर उसे वापस बंगाल भेज दिया। मामले पर इंस्पेक्टर चकेरी ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुची और युवक को पानी की टंकी से सफलता पूर्वक उतार लिया। मजदूर मानसिक रोगी है और उसका इलाज करवा बंगाल के लिए ट्रेन में बैठा दिया गया है। ठेकेदार के दो लोग उसे छोड़ने के लिए साथ में गए हैं।