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मायावती ने अतीक को टक्कर देने के लिए उतारा अहमद को मैदान में

अहमद की क्षेत्र में काफी अच्छी खासी छवि है.

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Abhishek Gupta

Jan 06, 2017

Mayawati

Mayawati

विनोद निगम.
कानपुर. चुनाव की रणभेरी के बाद बहुजन समाज पार्टी ने प्रत्याशियों की दूसरी सूची शुक्रवार को जारी कर दी। जिसमें कानपुर नगर व देहात में डीएमबी गठजोड़ (दलित, मुस्लिम व ब्राह्मण) का सहारा लिया गया। तो वहीं ओबीसी वर्ग के उन जातियों को भी तरहीज दी गई है जो शुरूआत से पार्टी के प्रति निष्ठावान बने रहे।

कानपुर नगर व कानपुर देहात जनपद की 14 विधानसभा सीटों में पिछले चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के खाते में सिर्फ एक ही सीट गई थी। जो कानपुर देहात की सिकंदरा रही जिसमें इन्द्रपाल सिंह ने भाजपा के देवेन्द्र सिंह भोले से नजदीकी वोट से जीते थे। ऐसे में बसपा की यह कोशिश है कि 2007 के इतिहास को दोहराया जाए। जिसके चलते पार्टी ने शुक्रवार को जो प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की है उसमें वही पुराना फार्मूला अपनाया गया है। हालांकि जो सूची जारी की गई है उसमें ज्यादातर उन्हीं लोगों को नाम दिया गया है जो पहले से प्रभारी घोषित थे और काफी दिनों से प्रचार में जुटे हैं। लेकिन इस बार ब्राह्मणों के पर जरूर कतरे गयें हैं पर अभी भी वह एक जाति के रूप में सबसे ज्यादा हैं।

14 सीटों पर कुछ इस तरह उतारे कंडीडेट
14 विधानसभा सीटों में चार ब्राह्मण, दो मुस्लिम, चार दलित, तीन ओबीसी, एक ठाकुर पर विश्वास किया गया है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि कानपुर में डीएमबी जोड़ बसपा को जीत दिला पाएगा। जिलाध्यक्ष प्रशांत दोहरे ने बताया कि सर्वजन हिताए सर्वजन सुखाय नीति के तहत सभी वर्गों पर विश्वास जताया गया है। जिससे यह तय है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की भारी बहुमत से जीत दर्ज होगी। भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र मैथानी ने कहा कि बसपा के भ्रष्टाचार को अभी जनता भूल नहीं पाई है, चाहे वह कोई भी फार्मूला अपनाए जनता उन्हें सबक सिखाने का काम करेगी।

कोटा से ज्यादा दलित
कानपुर नगर व देहात में कुल तीन सीटे सुरक्षित है, जो कानपुर नगर की बिल्हौर, घाटमपुर और देहात की रसूलाबाद सीटें पर है। पर बसपा ने इनके अलावा सीसामऊ विधानसभा सीट से नंदलाल कोरी को उतार पार्टी ने यह साफ कर दिया कि दलित ही पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है। मायावती ने 2012 के मुकाबले इसबार पूरी तरह जाति आधारित कंडीडेटों को टिकट देकर अन्य दलों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

कैंट से अतीक को टक्कर देंगे अहमद
मायावती ने 2017 विधानसभा चुनाव के लिए सपा के बाहुबली को टक्कर देने के लिए डॉक्टर नसीम अहमद को उम्मीदवार बनाया है। नसीम अहमद की क्षेत्र में काफी अच्छी खासी छवि है। साथ ही उनकी अपने समुदाय में अच्छी पकड़ बताई जा रही है। बसपा ने जिले की सीटों आर्य नगर से हाजी मोहम्मद अब्दुल हसीब, गोविंद नगर से निर्मल तिवारी, उम्र 45 साल, कल्याणपुर दीपू कुमार निषाद, उम्र 26 साल, घाटमपुर (सुरक्षित) से सरोज कुरील, उम्र 44 साल, बिल्हौर (सुरक्षित) से कमलेश चंद्र दिवाकर, उम्र 49 साल, महराजपुर से मनोज शुक्ला, उम्र 42 साल ,किदवई नगर से संदीप शर्मा, उम्र 29 साल, बिठूर से डॉ. राम प्रकाश कुशवाहा, उम्र 58 साल, 10-सीसामऊ से नंदलाल कोरी, उम्र 30 साल।
देहात में भी जातिगत गणित
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कानपुर देहात की चार सीटों पर जातिगत फार्मूला अपनाया है। भोगनीपुर से धर्मपाल सिंह भदौरिया को टिकट देकर ठाकुर मतदाताओं पर पैठ बनाने की कोशिश की है तो वहीं सपा से आए महेंद्र कटियार को सिकंदरा से टिकट देकर कुर्मी मतदाताओं को साधा है। अकबरपुर रनियां से डॉ. सतीश शुक्ला तो वहीं रसूलाबाद से पूनम संखवार को टिकट दिया है। इन चार सीटों में मायावती ने एक दलित को टिकट दिया है।

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