
डिप्रेशन के शिकार और मनोरोगियों का भी हैलट में होगा इलाज
कानपुर। मनोरोगियों को बेहतर इलाज देने के लिए मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग को हाईटेक किया जा रहा है। यहां डिप्रेशन के शिकार लोगों के साथ मनोरोग के शिकार बच्चों का भी इलाज किया जाएगा। इसके लिए हैलट परिसर में ही एक स्टेट ऑफ आर्ट साइकियाट्री सेंटर तैयार किया जाएगा। ४० बेड के इस अस्पताल में मनोरोगियों के इलाज की व्यवस्था होगी।
ओपीडी के सामने बनेगा भवन
स्टेट ऑफ आर्ट साइकियाट्री सेंटर का भवन मौजूदा ओपीडी के सामने बनेगा। इसका प्रस्ताव तैयार हो गया है। प्रोजेक्ट डिजाइन करने वाली कंपनी की टीम निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। डॉ. धनंजय चौधरी के मुताबिक प्रस्तावित सेंटर में मैनपावर, इलाज के संसाधन और काउंसिलिंग का आधुनिक सिस्टम की जरूरतें उपलब्ध होंगी।
एक जगह मिलेगा पूरा इलाज
सेंटर में बच्चों के मनोरोग, बुजुर्गों और सामान्य मनोरोगियों के इलाज की व्यवस्था होगी। विभाग के विशेषज्ञ डॉ. गणेश शंकर के मुताबिक मनोरोगियों को एक छत के नीचे इलाज की व्यवस्था कहीं नहीं है। केजीएमयू लखनऊ में बच्चों, बुजुर्गों और सामान्य मनोरोगियों की अलग-अलग इलाज की सुविधा से लोगों को फायदा है। कानपुर में भी उसी तर्ज पर इलाज के इंतजाम किए जाएंगे।
एक हफ्ते में शुरू होगी भर्ती
मनोरोग विभाग के लिए मेडिसिन विभाग में बनेक नए वार्ड में मरीजों की भर्ती एक हफ्ते में शुरू हो जाएगी। यहां 10 बेड का वार्ड बनाया गया है। इसे अभी हॉस्पिटल इनफारमेशन सिस्टम में दर्ज नहीं किया जा सका है इससे मरीजों की भर्ती नहीं हो पा रही है। अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए कोशिश शुरू की है।
नशा उन्मूलन का भी होगा वार्ड
हैलट में ही नशा उन्मूलन के लिए एक 10 बेड का वार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए अलग से प्रस्ताव बना है। वार्ड में इलाज की सुविधाओं के साथ काउंसलरों की टीम भी मौजूद रहेगी। जो लोगों में नशे की लत को छुड़ाने में मदद करेगी।
Published on:
15 May 2019 02:13 pm

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