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कानपुर से दिल्ली सिर्फ साढ़े तीन घंटे में

मिशन रफ्तार को केंद्र से मिली मंजूरी लखनऊ भी पहुंचेंगे सिर्फ ४५ मिनट में

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कानपुर से दिल्ली सिर्फ साढ़े तीन घंटे में

कानपुर। शहर से दिल्ली और लखनऊ का सफर अब और आसान होगा। दिल्ली पहुंचने में सिर्फ साढ़े तीन घंटे लगेंगे और लखनऊ महज ४५ मिनट में पहुंच जाएंगे। इस पर यकीन करना मुश्किल है पर यह सच होने जा रहा है। मिशन रफ्तार पर केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर १६० किलोमीटर प्रतिघंटा कर दी जाएगी। जिससे यात्रियों को ट्रेन की लेटलतीफी में भी अपनी मंजिल पर पहुंचने में ज्यादा देर नहीं लगेगी।

दिल्ली-हावड़ा रूट पर होगा काम
इस मिशन के लिए दिल्ली-हावड़ा रूट को चुना गया है। इस काम में ६६८५ करोड़ रुपए खर्च होंगे। हालांकि इसके लिए यात्रियों को २०२३ तक इंतजार करना पड़ेगा। इस मिशन में पटरियों पर काम किया जाएगा, साथ ही सिस्टम को भी हाईटेक करने की तैयारी है। इसमें सुरक्षित एलएचबी कोच शामिल किए जाएंगे। ट्रेन की रफ्तार बढ़ाने के साथ पटरियों के दोनों तरफ दीवार भी उठाई जाएगी ताकि किसी तरह का अवरोध न पैदा हो। इस रूट पर आने वाली सभी लेवल क्रांसिंगें हटाई जाएंगी।

३० से ५० किलोमीटर तक बढ़ेगी रफ्तार
दिल्ली-हावड़ा रूट पर इस समय ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार १३० किलोमीटर प्रतिघंटा है, पर ज्यादातर ट्रेनें १०० से ११० किलोमीटर की स्पीड में ही चल पाती हैं। इस समय केवल वंदे भारत एक्सप्रेस ही सबसे तेज १६० किलोमीटर प्रतिघंट तक रफ्तार पर चलती है। इसलिए अब इस रूट की अन्य ट्रेनों को भी इसी स्पीड पर चलाने की तैयारी है।

तीन साल पहले शुरू हुई थी योजना
मिशन रफ्तार योजना को तीन साल पहले २०१६-१७ में शुरू किया गया था। जिसके लिए छह प्रमुख रेलमार्ग चुने गए थे। इसका लक्ष्य था ट्रेनों की औसत रफ्तार को दो गुना करना। मिशन रफ्तार के तहत ही २०१६ में रेलवे ने गतिमान एक्सप्रेस का सफल संचालन किया था। दिल्ली से आगरा क बीच की १८८ किमी की यात्रा गतिमान एक्सपे्रस से एक घंटा ४० मिनट में पूरी हुई थी।

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