पंचमी पूजा 12 वर्ष करनी चाहिए। पांच फन वाले नाग का पंचोपचार पूजन, द्वादश नाग नाम अनंत, वासुकी, शेष, पद्म्न, कम्बल, करकोटक, अश्वतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिय, तक्षक व पिंगल आदि नामों का मंत्र जप करना चाहिए। दूध व लावा मिश्री का भोग लगाए। मुख्य द्वार के दोनों तरफ नागदेव की मूर्ति-चित्र स्थापना करना चाहिये।