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मां ब्रहाचारिणी के मंत्र का आज करें जाप, सफेद फूल-स्पटिक की माला करें अर्पण

मां ब्रह्मचारिणी की प्रतिमा की षोडशोपचार अर्थात गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य, इन पांच सामग्री से पूजा की की पूजा अर्चना करें। मां ब्रह्मचारिणी का ध्यान कर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

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Sujeet Verma

Apr 09, 2016

durga

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कानपुर.नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरुप ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से दुख रोग और विकार दूर हो जाते हैं। यह बात पंडित बलराम तिवारी ने कही। पंडित जी ने बताया कि मां का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी है। इनका यह रूप पूर्ण ज्योतिर्मय है। इनके दाहिने हाथ में जपमाला एवं बाएं में कमंडल रहता है। इनकी उपासना से तप, त्याग और संयम की वृद्धि होती है। माता ब्रह्माचारिणी को प्रसन्न करने के लिये शक्कर, दूध, दही, खीर का भोग लगाया जाता है। मां को सफेद पुष्प और स्फटिक की माला पसंद है। मां ब्रह्मचारिणी की प्रतिमा की षोडशोपचार अर्थात गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य, इन पांच सामग्री से पूजा की की पूजा अर्चना करें। मां ब्रह्मचारिणी का ध्यान कर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

इस मंत्र से दूर होगी बाधा, पूरी होगी मनोकामना
पंडित बलराम तिवारी ने कहा कि जो भक्त सुबह स्नान ध्यान कर 'दधाना कर पद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।। का मंत्र जपे मां उसकी हर मनोकामना पूरी कर देती हैं। मां दुर्गा की नवशक्तियों का दूसरा स्वरुप ब्रहाचारिणी है। यहां ब्रहा शब्द का अर्थ तपस्या है। ब्रहाचारिणी अर्थात तप का आचरण करने वाली। ब्रहाचारिणी देवी का स्वरुप पूर्ण रुप ज्योतिर्मय एंव अत्यंत भव्य है।

हिमालय के यहां पुत्री के रुप में थीं जन्मी
बताया, पूर्व जन्म में जब ये हिमालय के घर पुत्री के रुप में उत्पन्य हुई थीं, तब इन्होंने नारद के उपदेश से भगवान शंकरजी को प्राप्त करने के लिए अत्यंत कठिन तपस्या की थी | इसी तपस्या के कारण इन्हें तपश्चारिणी अर्थात ब्रहाचारिणी नाम से अभिहित किया जाता है।

नवरात्र के दूसरे दिन इन्हीं के स्वरुप की उपासने करने से मां प्रसन्व हो जाती हैं और हर मनोकामना पूरी करती हैं। जो व्यक्ति भक्ति भाव एवं श्रद्धा से दुर्गा पूजा के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते हैं उन्हें सुख, आरोग्य की प्राप्ति होती है और प्रसन्न रहता है, उसे किसी प्रकार का भय नहीं सताता है। सर्वत्र सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है, तथा जीवन की अनेक समस्याओं एवं परेशानियों का नाश होता है।

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