
एनडीआरएफ की टीम शहर में करेगी सर्वे, खतरनाक गैसों से होने वाली मौतों पर लगेगी रोक
कानपुर। उद्योगों में खतरनाक गैसों का स्टोरेज होता है, जिसकी जानकारी खुद उद्योगों के जानकार के पास भी नहीं होती है. अचानक इनके रिसाव होने पर कई निर्दोष लोग मारे जाते हैं. कानपुर में ऐसे कई उद्योग हैं, जहां ऐसी गैसों का भंडारण किया जाता है. पिछले साल शिवराजपुर के पास स्थित कोल्ड स्टोर में अमोनिया के रिसाव से 5 लोग मर गए थे. ऐसे हादसों को रोकने के लिए एनडीआरएफ की टीम कानपुर के उद्योगों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेगी.
ऐसा बताया एडीएम फाइनेंस ने
इस बारे में एडीएम फाइनेंस संजय चौहान बताते हैं कि सर्वे के बाद चिन्हित इंडस्ट्रीज के लोगों के साथ ही आसपास रहने वाले लोगों को भी आपात स्थिति में बचाव के तरीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. एडीएम फाइनेंस ने बताया कि एनडीआरएफ की 15 सदस्यीय टीम 26 नवंबर से स्कूलों में बच्चों को प्रशिक्षण दे रही है. 1 दिसंबर को डिप्टी कमांडेंट देवेंद्र सिंह, टीम लीडर अमान उल्ला खान सहित सेना द्वारा बाढ़ से बचने के लिए लुधियाखेड़ा और बनियापुरवा में प्रशिक्षण दिया जाएगा.
टीम ने किया प्रशिक्षित
पिछले दिनों मैनावती मार्ग स्थित जीडी गोयनका स्कूल में बच्चों, इंडस्ट्रीज, एनजीओ, एनसीसी, फायर, पुलिस और राजस्व कर्मियों को एनडीआरएफ की टीम ने आपदा से बचने के लिए प्रशिक्षित किया. उन्होंने बताया गया कि कैसे आपात स्थिति में खुद का बचाव किया जाए. इतना ही नहीं, मौके पर उन्हें बताया गया है इससे बचने के क्या–क्या आसान तरीके हो सकते हैं और इससे कैसे दूर रहा जा सकता है.
एक नजर यहां भी
गौरतलब है कि औद्योगिक नगरी होने की वजह से कानपुर में उद्योगों की कोई कमी नहीं है. ऐसे में इन सभी उद्योग के पास खतरनाक गैसों का स्टोरेज होता है. वैसे देखा जाए तो इन गैसों की जानकारी खुद उद्योगों के जानकारों के पास भी नहीं होती है, क्योंकि ये दिखाई नहीं देतीं. ऐसे में अचानक इनके रिसाव होने पर कई निर्दोष लोग मारे भी जाते हैं. इसके अलावा कानपुर में ऐसे कई उद्योग भी हैं, जहां ऐसी गैसों का भंडारण भी किया जाता है. इन उद्योगों को इन गैसों की भयावहता का अनुमान भी नहीं होता कि मानव जीवन के लिए ये कितनी खतरनाक हो सकती हैं.
Published on:
29 Nov 2018 02:59 pm

बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
