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लो फिर से धंस गया सिंहपुर सबस्टेशन, खुल गई पोल

भ्रष्‍टाचार की बुनियाद पर टिके सिंहपुर सबस्टेशन के धंसने से केस्को अधिकारियों के क्वालिटी कन्ट्रोल के दावों की पोल खुल कर सामने आ चुकी है. सबस्टेशन के निर्माण के दौरान या बनने पर भी केस्को के इंजीनियर्स को कभी कोई गड़बड़ी नजर नहीं आई.
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Kanpur

लो फिर से धंस गया सिंहपुर सबस्टेशन, खुल गई पोल

कानपुर। भ्रष्‍टाचार की बुनियाद पर टिके सिंहपुर सबस्टेशन के धंसने से केस्को अधिकारियों के क्वालिटी कन्ट्रोल के दावों की पोल खुल कर सामने आ चुकी है. सबस्टेशन के निर्माण के दौरान या बनने पर भी केस्को के इंजीनियर्स को कभी कोई गड़बड़ी नजर नहीं आई. उन्होंने एक नहीं आधा दर्जन दफे कार्य की मात्रा व क्वालिटी मानक के अनुरूप होने की कागजों पर मोहर भी लगाई. अब सबस्टेशन की दीवारों पर दरारें पडऩे, फर्श धंसने और टाइल्स उखडऩे से उनमें अफरातफरी मची हुई है.

नहीं है किसी भी तरह का कोई डर
सिंहपुर सबस्टेशन का शिलान्यास वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था. बावजूद इसके शायद केस्को ऑफिसर्स ने कोई परवाह नहीं की. अगर फिक्र की होती तो शायद सबस्टेशन चालू होने के दो साल के भीतर ही न धंस जाता है. 5.72 करोड़ से बने इस सबस्टेशन को बन्द न करना पड़ता.

जांच पर उठे सवाल
कर्मियों के मुताबिक सिंहपुर सबस्टेशन का निर्माण केस्को के सिविल इंजीनियरिंग सेक्शन की देखरेख में हुआ. उस समय जेई गुलशन कुमार व असिसटेंट इंजीनियर अश्वनी कुमार थे. सिविल इंजीनियरिंग सेक्शन के प्रभारी एक्सईएन वीके शर्मा थे. वीके शर्मा के ट्रांसफर के बाद सिविल सेक्शन के प्रभारी एक्सईएन एके सिंह बनाए गए. सबस्टेशन बनते समय कांट्रैक्टर को कम से कम 6 बार धनराशि का भुगतान किया गया. हर बार भुगतान से पहले जेई व एई की जांच रिपोर्ट लगाई गई. हर बार जेई व एई ने इस जांच रिपोर्ट में समय-समय पर निर्माण स्थल पर जाकर निरीक्षण करने और गुणवत्ता व मात्रा अनुरूप होने के न केवल दावे किए बल्कि बाकायदा लिखित रिपोर्ट दी.

कर रहे हैं ऐसे दावे
इस जांच रिपोर्ट पर तत्कालीन प्रभारी एक्सईएन मोहर लगाने के बाद हर बार लाखों रूपए का भुगतान किया गया. अपनी जान बचाने के लिए केस्को इंजीनियर थर्ड पार्टी के रूप में केंद्र सरकार की एजेंसी इरडा से भी गुणवत्‍ता का प्रमाणपत्र मिलने के दावे कर रहे हैं. पर दो साल में सबस्टेशन धंसने से केस्को के क्वालिटी कन्ट्रोल व जांच सिस्टम पर सवालिया निशान लग गए हैं. केस्को ऑफिसर सीएसबी अंबेडकर ने इस बारे में बताया कि सिंहपुर सबस्टेशन के मामले नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है. इस मामले को लेकर बिठूर थाना में रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी है. जांच में दोषियों पर भी विभागीय कार्रवाई हो रही है.

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