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‘अमृत’ पर होगा अब पूरी तरह से ऑनलाइन ‘पहरा’

खबर मिली है कि शहर में चलाई जा रही अमृत योजना के अब सारे काम ऑनलाइन किए जाएंगे. केंद्र सरकार के पोर्टल से योजना को जोड़ दिया जाएगा. योजना में पारदर्शिता लाने के लिए योजना को ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया है. शासन से आए आदेश के बाद जल निगम ने पोर्टल पर अपलोड करने के लिए सभी जरूरी कागजों को एकत्रित करना शुरू कर दिया है.

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Kanpur

‘अमृत’ पर होगा अब पूरी तरह से ऑनलाइन ‘पहरा’

कानपुर। खबर मिली है कि शहर में चलाई जा रही अमृत योजना के अब सारे काम ऑनलाइन किए जाएंगे. केंद्र सरकार के पोर्टल से योजना को जोड़ दिया जाएगा. योजना में पारदर्शिता लाने के लिए योजना को ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया है. शासन से आए आदेश के बाद जल निगम ने पोर्टल पर अपलोड करने के लिए सभी जरूरी कागजों को एकत्रित करना शुरू कर दिया है. योजना को केंद्र सरकार के पोर्टल पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पर अपलोड किया जाएगा. 31 मार्च को इस पोर्टल के जरिए 71,633 करोड़ रुपए का डिजिटल ट्रांजेक्शन किया गया था, जो एक रिकॉर्ड है.

ऐसी बताई गई है खासियत
केंद्र सरकार ने इस पोर्टल की शुरुआत एक साल पहले की थी. नमामि गंगे योजना से जुड़े सभी कार्यों का पूरा रिकॉर्ड और बजट इसमें अपलोड है. यही नहीं नमामि गंगे योजना में पैसों के लेनदेन को भी इसी पोर्टल के माध्यम से किया गया है. अब अमृत योजना को भी इस पोर्टल से लिंक करने की तैयारी की जा रही है. योजनाओं के लिए केंद्र सरकार ने इसमें 1 लाख करोड़ रुपए का बजट रखा है.

नहीं रह जाएगी बजट की कमी
इस पोर्टल से लिंक होने के बाद अमृत योजना में बजट की कमी नहीं रह जाएगी. पीएफएमएस पोर्टल में केंद्र सरकार ने एडवांस में 1 लाख का बजट रखा हुआ है. इससे योजनाओं में बजट की कमी नहीं होगी और लोन के रूप में ली गई राशि में ब्याज भी नहीं देना पड़ेगा. इस पोर्टल में जल निगम, कार्य करने वाले ठेकेदार और नगर विकास को भी लिंक किया जाता है. इससे सभी के पास पूरी जानकारी होगी और योजना में पारदर्शिता से पूरा कार्य किया जा सकेगा.

ऐसे हो रहे हैं काम
शहर में 850 किमी. से भी ज्यादा का सीवर नेटवर्क है. डिस्ट्रिक्ट-1 के 34 वार्डों में 370 करोड़ से नई सीवर लाइन डालने और पुरानी सीवर लाइनों की सफाई और मेंटेनेंस का कार्य किया जा रहा है. 80 करोड़ रुपए की लागत से बड़ी जेट मशीनों के जरिए सीवर सफाई की जा रही है. दरअसल, नालियों को सीवर नेटवर्क में जोड़ दिया गया है, इनके जरिए प्लास्टिक वेस्ट, गोबर और अन्य ठोस कूड़ा सीवर में जा रहा है. वहीं डिस्ट्रिक्ट-1 में 290 किमी सीवर लाइन की सफाई का कार्य भी किया जा रहा है. कल्याणपुर में 100 किमी और डिस्ट्रिक्ट-1 में 250 किमी सीवर लाइन बिछाये जाने का कार्य किया जाना है.