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Kanpur News: माता-पिता की लड़ाई की भेंट चढ़े बच्चे, घर में लगा ताला, 5 दिन से भूखे-प्यासे भटक रहे मासूम

Kanpur News: कानपुर देहात में अकबरपुर के सलावतपुर गांव में मानवता शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जहां मां-बाप घर छोड़कर भाग गए। दो बेसहारा मासूमों ने एक रात घर के बाहर बिताई। खाना तक नसीब नहीं हुआ।

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Parents disappeared leaving hungry and thirsty children in Kanpur

Kanpur News: कानपुर देहात में अकबरपुर के सलावतपुर गांव में मानवता शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जहां जन्म देने वाले मां-बाप गुस्सा और नशे की वजह से घर छोड़कर भाग गए। दो बेसहारा मासूमों ने एक रात घर के बाहर बिताई। खाना तक नसीब नहीं हुआ। बुधवार दोपहर गांव पहुंची सीएचसी और यूनीसेफ की टीम ने भूख से बिलखते बच्चों को खाना खिलाया और अपने साथ ले गई। आनन फानन मामला डीएम की चौखट तक भी पहुंच गया। यूनीसेफ के स्वास्थ्य कर्मी फिलहाल बच्चों की देखभाल कर रहे हैं।

सलावतपुर गांव निवासी शिवशंकर उर्फ लालू के परिवार में पत्नी मीसा, पांच साल का बेटा लवकुश और सात साल की बेटी मुस्कान है। 14 मई को शिवशंकर शराब पीकर घर पहुंचा। पत्नी ने विरोध किया तो दोनों बच्चों के साथ उसे भी बुरी तरह से पीट कर लहूलुहान कर दिया। इसके बाद मीसा कहीं चली गई।

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कुछ देर बाद शिवशंकर भी घर में ताला डालकर भाग निकला। इस दौरान दोनों बच्चों के बाहर खून से सने कपड़े में लहूलुहान हालत घर के बाहर बैठे रहे। एक रात बच्चों ने घर बिना खाना पीना के बिताई। सुबह बच्चों को भूख लगी।

भूखे-प्यासे खून से सने कपड़े पहनकर विद्यालय पहुंचे बच्चे
भूखे-प्यासे बच्चे खून से सने कपड़ों में गांव के प्राथमिक विद्यालय में पहुंचे। वहां के शिक्षिका ने दूसरे कपड़े पहनाए और खाना खिलाया। छुट्टी होने के बाद दोनों फिर घर पहुंचे तो ताला पड़ा मिला। पूरा दिन तेज धूप के बीच गांव में इधर-उधर घूमते रहे। रात होने पर गांव के ग्रामीण पप्पू ने उन्हें अपने घर में पनाह दी। दो दिन तक बच्चे वहीं रहे। बच्चों का कहना है कि मंगलवार रात उन्होंने कुछ भी नहीं खाया। बुधवार दोपहर बच्चे गांव में भूख से बिलखते नजर आए तो लोगों ने यूनिसेफ टीम को सूचना दी।

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यूनिसेफ टीम की सदस्य प्रिया शर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर वे अकबरपुर सीएचसी के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ बच्चों को लेकर विद्यालय पहुंची। जहां उन्हें शिक्षक ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद टीम ने बच्चों को बिस्कुट खिलाया और उपचार के लिए सीएचसी ले आई। वहां से डीएम नेहा जैन को मामले की सूचना दी। उन्होंने दोनों बच्चों को बुलवाया और कार्रवाई के लिए एसडीएम अकबरपुर डॉ. पूनम गौतम को निर्देशित किया। एसडीएम ने टीम के माध्यम से बच्चों को कपड़े, चप्पले दिलवाकर और खाना खिलवाया। एसडीएम का कहना है कि माता-पिता के बुलाकर समझाया जाएगा।

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खूंखार कुत्ते और मवेशियों से खुद को बचाते रहे बच्चे
घटना वाले दिन दोनों बच्चे घर रात घर के बाहर लेटे थे। यह देख खुंखार कुत्तों भौंकने लगे तो बच्चे चौंक गए और उठकर कुत्ते से बचने के लिए छिप गए। इसी तरह अन्ना मवेशियों से भी बच्चे खुद को बचाते रहे। बच्चों ने डीएम को बताया कि नशे की हालत में शिवशंकर ने मानवता की सारी हदों को पार कर दिया। उसने मुस्कान के दाएं हाथ के उंगली को दीवार में रगड़ कर उसका सिर भेड़ दिया। ऐसा ही कुछ हाल लवकुश का हुआ।

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