
लोगों की सेहत पर चौतरफ़ा हमला कर रहा है दिन पर दिन बढ़ रहा प्रदूषण
कानपुर। शहर में दिन पर दिन बढ़ रहे प्रदूषण का लोगों की सेहत पर चौतरफ़ा हमला हो रहा है. हवा में मौजूद घातक रसायन धूल-कणों के साथ मिलकर फेफड़ों को छलनी करने के साथ-साथ दूसरी बीमारियां दे रहे हैं. इस बारे में हैलट के डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण की वजह से ही वायरस, बैक्टीरिया और फंगस अधिक घातक रूप में लोगों पर हमला कर रहे हैं. आर्थिक सहयोग ओर विकास संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, वायु प्रदूषण से होने वाली गम्भीर बीमारियां और उनसे होने वाली मौतों की संख्या प्रदूषित पानी की वजह से फैलने वाली बीमारियों से अधिक हो गई हैं.
कई महीनों बाद दिखता है असर
डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण के असर से होने वाली बीमारियां कभी-कभी कई महीनों बाद दिखाई पड़ सकती है. बच्चे, बुजुर्ग और डायबिटिक, दमा रोगी और लंबी बीमारी से ग्रसित लोगों पर इसका असर जल्दी पड़ता है.
एलर्जी की बढ़ रही समस्या
प्रदूषण की वजह से खांसी और एलर्जी की घर-घर समस्या हो रही है. मौसम थोड़ा बदला तो वायरस, बैक्टीरिया सक्रीय हो जाते हैं. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में इस साल तीन रिसर्च शुरू किए गए हैं. दो मेडिसिन विभाग में और एक बाल रोग विभाग में. हैलट के डॉ. जेएस कुशवाह के मुताबिक मरीजों में खून की कमी एक तरह से प्रदूषण की वजह से हो सकती है. क्योंकि कुछ घातक भारी तत्व जब कई वर्षों तक लगातार खून में घुलेंगे तो ये बिमारी संभव है.
रेड जोन है अपना शहर
बुधवार के मुकाबले गुरुवार को शहर के प्रदूषण में मामूली सुधार हुआ. इसके बाद भी कानपुर अन्य चौदह शहरों के साथ रेड जोन में रहा. बुधवार को देश के 22 शहर रेड जोन में थे. इसके बावजूद गुरुवार को इसमें सुधार हुआ. खतरनाक गैसों के स्तर में कोई खास सुधार नहीं हुआ. धूल, धुएं के कण कम होने से ही शहर का एक्यूआई 388 से घटकर 336 हो गया. कार्बन मोनोऑक्साइड का शाम 4 बजे औसत 1.91, सल्फर डाइऑक्साइड का स्तर 13.41 और पीएम 2.5 का औसत 187 रहा.
Published on:
23 Nov 2018 01:31 pm
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