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पदमेश ने पीएम नरेंद्र मोदी के दीपक जलाने की अपील के राज से उठाया पर्दा

देश के जाने-माने ज्योतिषाचार्य पंडित केए दुबे पदमेश ने कहा पीएम की अपील का करें पालन, कोरोना पर जीत के साथ अन्य रोगों से लड़ने की मिलेगी शक्ति।

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पदमेश ने पीएम नरेंद्र मोदी के दीपक जलाने की अपील के राज से उठाया पर्दा

पदमेश ने पीएम नरेंद्र मोदी के दीपक जलाने की अपील के राज से उठाया पर्दा

कानपुर। पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से रविवार की रात रात 9 बजे अपने घर में 9 मिनट तक दीप जलाने की अपील की है। पूरा शहर इस समय सरकार के साथ है और उन्हें समर्थन देने के लिए दीप जलाकर मनोबल को बढ़ाएगा। पीएम मोदी इस अपील को ज्योतिष की नजर से समझने और दीपों के महत्व पर पत्रिका डाॅट काॅम ने जाने-माने ज्योतिषाचार्य पंडित केए दुबे पदमेश से बात की। उन्होंने बताया कि इस समय आकाश और पीएम मोदी की राशि वृच्छिक है और दोनों के अच्छे योग हैं। पीएम जो भी निर्णय ले रहे हैं और भारत के लिए शुभ हैं। 9 बजे और 9 मिनट तक प्राकृतिक रोशनी से इंसान के अंदर उर्जा आएगी और जमीन से कोरोना पूरी रावण का खात्मा होगा।

इंसान में रोगों से लड़ने की ताकत
कोरोना वायरस के चलते पिछले देशभर में 21 दिन का लाॅकडाउन चल रहा है। लोग अपने-अपने घरों पर कैद हैं, तो वही तीन हजार से ज्यादा कोरोना के संक्रमित मरीजों की संख्या हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील रविवार की रात 9 बजे नौ मिनट तक दीप जलाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को लेकर सुबह से लोग दीपों की खरीदार करते हुए देखे गए। इस बीच हमनें ज्योतिषाचार्य पंडित केए दुबे पदमेश से पीएम मोदी की इस अपील के बारे में जाना। उन्होंने बताया कि इस समय गोचर में मंगल उच्च का चल रहा है और इस प्रक्रिया से मंगल को बल मिलेगा। क्योंकि तारीख और समय मंगल के आधीन हो रहे हैं। मंगल को बल देने से इंसान में रोगों से लड़ने की ताकत आती है, दृढ़ शक्ति बढ़ती है और रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है।

हमारे मन को भी शक्ति प्राप्त होगी
पंडित केए दुबे पदमेश ने बताया, रविवार को चंद्रमा सिंह राशि में स्तिथ है इससे हमारे मन को भी शक्ति प्राप्त होगी। दीप जलाने के साथ गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी करें। सरसों के तेल का दीपक जलाने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। देशी घी का दीपक जलाएं तो उसमें कपूर का एक टुकड़ा अवश्य डाल दें। सरसों के तेल का दीपक जलाएं तो उसमें लौंग का एक जोड़ा डाल दें। इसके अलावा यदि कोई मोमबत्ती जलाता है तो वह कपूर और लौंक उसके आसपास रख दे।

सकारात्मकता बनी रहती
पदमेश जी के अनुसार ज्योतिष शास्त्र में दीपक जलाने के नियमों के तहत यह भी बताया गया है कि घी और तेल की बाती अलग-अलग होनी चाहिए। यानी कि घी के दीपक में रुई की बाती और तेल के दीपक में लाल धागे की बाती बनाएं। माना जाता है यह अत्यंत शुभ होता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक हर दिन नयिमित रूप से दीपक जलाना चाहिए। मान्यता है जहां पर भी दीपक जलाया जाता है उस स्थान पर हमेशा ही सकारात्मकता बनी रहती है। इसका कारण दीपक के धुएं से वातावरण में उपस्थित हानिकारक कीटाणुओं का नष्ट होना माना जाता है। लेकिन ध्यान रखें कि कभी भी खंडति दीपक न जलाएं।

धन-धान्य की कमी नहीं होती
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक दीपक नियमित रूप से शाम को मुख्य द्वार के पास जलाना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जातक के जीवन में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती। इसलिए बिना किसी भूल के सभी नियमों को ध्यान में रखते हुए शाम के समय दीपक जलाना चाहिए। पदमेश जी कहते हैं कि रामचरित मानस के अलावा अन्य धर्मगृन्थों में दीपक का जिक्र है। भगवान श्रीराम जब लंका पर फतह करके वापस अध्योधा लौटे तो पूरे नगर में दीप जलाए गए थे।

दीप में देवताओं का तेज बसता
धर्मगुरू चेतन गिरी महाराज ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी की अपील के तहत रात 9 बजे 9 मिनट तक घरों की बिजली बंद कर सिर्फ दीपक जलाएं। महाराज ने बताया कि धर्म ग्रंथों में दीप का बड़ा ही महत्व बताया गया है। दीप में देवताओं का तेज बसता है ऐसे ऋग्वेद में बताया गया है। इसलिए सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए दीप जलाते समय कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो यह हमेशा फायदेमंद हो सकता है।

ऐसे जलाएं दीपक
सिद्धेश्वर मंदिर के महंत अरुणपुरी जी महाराज ने कहा कि दीपक के जरिए कोरोना रूपी राक्षस का 130 करोड़ लोग बध करेंगे। महाराज के बताया कि जब भी पूजा करने बैठें तब सबसे पहले दीपक को अच्छे से साफ कर लें। इसके बाद अगर घी का दीपक जला रहे हैं तो उसे अपने बाएं हाथ की ओर रखें। लेकिन तेल का दीपक जला रहे हों तो उसे अपने दाएं ओर रखें। कहा, पूजा के दौरान दीपक का खास ख्याल रखें। कभी भी दीपक बुझना नहीं चाहिए इसे ध्यान में रखते हुए बाती सही से रखें ताकि बाती लुढ़क न जाए। साथ ही तेल-घी पर्याप्त मात्रा में रखें। लेकिन अगर दीपक कभी बुझ ही जाए तो तुरंत जलाकर भगवान से क्षमा प्रार्थना कर लें।

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