
हवाला के जरिए ब्लैक करेंसी को करता था सफेद, पुलिस के हत्थे लगा सुपाड़ी किंग
कानपुर. कलक्टरगंज थानाक्षेत्र के नयागंज स्थित कृष्ण बिल्डिंग में चल रही अग्रवाल टेडिंग कंपनी के दफ्तर में देररात एसपी साउथ के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने छापा मारा। रेड की खबर लगते ही बाजार में हड़कंम मच गया। पुलिस ने फर्म के मालिक फर्म के मालिक विवेक अग्रवाल सहित राजस्थान के रहने वाले चार अन्य लोगों को अरेस्ट किया है। एसपी साउथ अनिल कुमार ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर फर्म में छापेमारी की गई तो अल्मारियों व सोफे के अंदर सीटों में पुलिस को दो हजार के नोट, 100 के नोट, 500 के नोट सहित करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए मिले हैं। एसपी के मुताबिक यह रुपया हवाले के जरिए नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश देशों में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए होने की जानकारी मिली है। सुपाड़ी कारोबारी रुपये का कोई भी ब्योरा नहीं दे पाया है। फिलहाल पुलिस ने मामले को इनकम टैक्स के हवाले कर दिया है। अब इनकम टैक्स की टीम जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
अग्रवाल ट्रेडिंग पर चल रहा था हवाला का कारोबार
किदवईनगर के ब्लॉक निवासी विवेक अग्रवाल की नयागंज स्थित बांकेलाल बिल्डिंग में अग्रवाल ट्रेडिंग के नाम से फर्म है। यहां से सुपाड़ी का बड़ा कारोबार होता है। सोमवार देर शाम एसपी साउथ अशोक कुमार वर्मा ने बर्रा इंस्पेक्टर भास्कर मिश्रा के साथ ट्रेडिंग कंपनी के दफ्तर में छापेमारी की। यहां से करीब 4.25 करोड़ रुपये कैश मिले। व्यापारी को हिरासत में लेने के बाद पड़ोस में स्थित बिहारीजी मार्केट के दूसरे माले के एक कमरे की भी तलाशी ली गई। यहां पर राजस्थान के राम गोपाल और उसके चचेरे भाई कमल, दीनदयाल, राज कुमार को 1.12 करोड़ रुपये के साथ दबोचा गया। इनके पास से कैश गिनने वाली मशीन भी मिली। वहीं सुपाड़ी कारोबारी विवेक अग्रवाल का पूरे मामले पर कहना था कि ये सारा रूपया कारोबार के जरिए जमा किया था। हम इनकम टैक्स को पूरा जवाब देंगे। फिलहाल कारोबारी से इनकम टैक्स के साथ ही पुलिस की टीम पूछताछ कर रही है।
राजस्थान से आए लोगों से चल रही पूछताछ
फर्म में पकड़े गए चारों राजस्थानी नागरिकों से पुलिस की पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि मौके से पकड़े गए राज्स्िान के रामगोपाल और कमल रविवार को शहर आ गए थे। दीनदयाल और राजकुमार सोमवार को पहुंचे। चारों से पुलिस पूछताछ कर रही है कि वे किस कारोबार के सिलसिले से कानपुर आए। वहीं आयकर विभाग के अफसरों का कहना है कि नयागंज में मिली रकम में कुछ के रिकार्ड व्यापारी ने उपलब्ध करा दिए हैं। शेष रकम के लिए एक दिन का समय मांगा है। यहि व्यापारी रूपयों के बारे में रिकार्ड दिखा देता है तो उसे क्लीन चिट दी जा सकती है। यदि पैसों का हिसाब नहीं दे पाया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
व्यपापारी नेताओं ने जताई आपत्ति
पुलिस की रेड की जानकारी मिलते ही कानपुर के व्यापार मंडल के नेता भी मौके पर पहुंच गए और कार्रर्वा पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि रविवार को बैंक बंद होने के चलते कारोबार का पैसा रखा हुआ था। उसका हिसाब बताने के लिए सुपाड़ी करोबारी को थोड़ा वक्त देना चाहिएं। वही मामले पर एसपी साउथ के मुताबिक एसपी साउथ अशोक कुमार वर्मा का कहना है कि देश विरोधी गतिविधियों की सूचना पर यह छापेमारी की गई है। राजस्थान से आए लोग रुपये गिनते थे और रुपए रखने का काम अग्रवाल ट्रेडिंग में होता था। रुपयों के रिकॉर्ड न दिखा पाने पर आयकर विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर लेनदेन की पड़ताल में जुट गई है।
Updated on:
17 Oct 2017 01:46 pm
Published on:
17 Oct 2017 12:55 pm
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