
कानपुर। सत्ता गई तो लगा कि खादी पर पब्लिक की रिसपेक्ट करेगी, उनका दुख दर्द सुनेंगी और निवारण कर प्यार से गले लगाएगी। खाकी को ढोलक नहीं बनाएंगी, उनके साथ भी अच्छा व्यवहार करेगी। डिप्रेशन के दौरान इलाज कराएगी। पर ऐसा नहीं हो रहा। हर सरकार पब्लिक व खाकी के साथ एक जैसा बर्ताव करती है। कुछ ऐसा ही एक मामला कानपुर में सामने आया। किसी ने सोशल मीडिया पर एक वोडियो वायरल कर दिया। जिसमें मेयर प्रमिला पांडेय के बेटे द्धारा सिपाही को जलील करते हुए दिखया गया है। वर्दी उतरवाने की धमकी दी। इसी के चलते सिपाही फूट-फूट कर रो पड़ा। उसके साथी चुप करा रहे थे तो वो बोल पड़ा। कब तक ऐसे हम पिटते रहेंगे। हमें नेताओं ने ढोलक बना दिया। हरदिन बजाते हैं। लगता है वर्दी को अलविदा कर हर उठा लूं।
क्या है पूरा मामला
शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमे कानपुर से बीजेपी मेयर प्रमिला पाण्डेय के बेटे अमित पाण्डेय ने बीच सड़क एक बुजुर्ग सिपाही को जमकर जलील किया। उसे सस्पेंड कराने के साथ जेल भिजवाने की धमकी दी। इससे आहत होकर सिपाही फूट-फूट कर रो पड़ा। इसी दौरान पूरी घटना की किसी ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। वीडियो में सिपाही कहते हुए दिख रहा है कि हब कब तक पिटते रहेंगे। गल्ती नहीं होने पर नेताओं के बेटों की गालियां सुनते रहेंगे। अब तो इनलोगों ने हमें ढोलक बना दिया है। पुलिस अब नेताओं की बीबी बन गई है।
क्यों किया जलील
दरसल बीते शुक्रवार को खुद को मेयर का ड्राइवर बताने वाला युवक एक ऑटो चालक को पीट रहा था। चालक को बचाने के लिए सिपाही मौके पर पहुंच गया और दोनों को अलग कराया। तभी मेयर प्रमिला पांडेय का बेटा अमित पाण्डेय मौके पर पहुच गया। वो अपने साथी का बचाव करने के लिए सिपाही से भीड़ गए और वर्दी तक उतरवाने की धमकी दे डाली। मेयर के बेटे की दबंगई देख वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान सिपाही के साथी पुलिसकर्मी भी पहुच गए और अपने साथी को चुप कराने लगे। वहीं अमित पाण्डेय सिपाही पर भाजपा को गाली देने का आरोप लगाकर दबाव बनाने लगे। इसी बीच सिपाही भरे गले से बोला पूरी नौकरी में किसी ने इस तरह से बेइज्जती नहीं की है।
सपा ने कहा खाकी को कर रहे बीमार
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम को जब इस वीडियो के बारे में पता चला तो उन्होंने कहा कि मैंने भी यह वीडियो सोशल मिडिया पर देखा। मुझे भी बहुत तकलीफ हुयी है। इसी के चलते पुलिस के अफसर सुसाइड कर रहे तो सिपाही भी मौत को गले लगा रहे हैं। सरकार पूरी तरह गूंगी-लंगड़ी है और पूरी तरह से तनाशाही रवैया अख्तियार किए हुए है। मेरठ में एक दरोगा को रेस्त्रा में बुरी तरह से पीटा गया था, पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वो पुलिस कर्मी चीख-चीख कर कह रहा है कि मेयर से जुड़े लोग गलत कर रहे थे किसी को मारपीट रहे थे। वो लोग पुलिसकर्मी को कह रहे थे की तुमको गिरा कर मारेगे। पुलिस र्मी अपना दर्द बायां कर रहा था कि पूरे प्रदेश की पुलिस इसी लिए पिट रही है।