पब्लिक प्रोविडेंट फंड के माध्यम से लंबी अवधि के लिए छोटी बचत का सबसे अच्छा माध्यम है। पीपीएफ के माध्यम से हम भविष्य की जरूरतों के हिसाब से बचत कर सकते हैं। ऐसे समय जब तमाम प्राइवेट चिटफंड कंपनी के भागने की खबर आती है में पीपीएफ सुरक्षित निवेश का उत्तम साधन है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ सुरक्षित निवेश का प्रमुख माध्यम है। जिसमें निवेश करके हम अपने भविष्य को संवार सकते हैं। सुरक्षित निवेश के साथ अच्छा रिफंड मिले तो उससे ज्यादा आम लोगों को और क्या चाहिए। सरकार द्वारा संचालित पीपीएफ छोटे बचत का महत्वपूर्ण माध्यम है। छोटी-छोटी बचत करके हम भविष्य में खर्च होने वाले मोटी रकम की व्यवस्था भी कर सकते हैं। शिक्षा से लेकर शादी विवाह की योजनाओं को अमल कर सकते हैं। लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश का होना जरूरी है। ऐसे समय जब तमाम प्राइवेट कंपनी बचत की मोटी रकम लेकर फरार हो जाती हैं। पीपीएफ में इन्वेस्टमेंट किया जा सकता है।
क्या है पब्लिक प्रोविडेंट फंड
पब्लिक प्रोविडेंट फंड में एक व्यक्ति एक ही खाता खोल सकता है और यह अकाउंट जॉइंट अकाउंट भी नहीं हो सकता है। पीपीएफ खाते में प्रतिवर्ष न्यूनतम ₹500 डालना जरूरी है। वरना अकाउंट बंद हो जाएगा। अकाउंट बंद होने की स्थिति में जुर्माना अदा करके फिर से शुरू किया जा सकता है। यह जुर्माना प्रतिवर्ष ₹50 के हिसाब से अदा करना पड़ता है।
मेच्योरिटी अमाउंट
15 साल पूरे होने पर जमाकर्ता पूरी धनराशि यानी मेच्योरिटी अमाउंट निकाल सकता है। लेकिन आवश्यकता पड़ने पर बीच में भी पैसे निकालने का विकल्प है। पीपीएफ के आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार 7 साल बाद पैसे निकालने की अनुमति है। जबकि 4 साल पूरा होने के बाद प्रीमेच्योर के रूप में पैसा वापस लिया जा सकता है।
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लोन भी मिलता है
पीपीएफ अकाउंट के माध्यम से लोन लेने की भी सुविधा उपलब्ध है। 3 साल पूरे होने के बाद और 5 साल के बीच 25% का लोन मिल सकता है। पीपीएफ अकाउंट में न्यूनतम ₹500 प्रतिवर्ष जमा किया जा सकता है। ₹1.5 लाख तक जमा अमाउंट पर ब्याज मिलता है इससे अधिक होने पर सर प्लस धन राशि पर ब्याज नहीं दिया जाता है।