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निराला नगर में रेलवे के हाउसिंग प्रोजेक्ट पर लगा ‘ब्रेक’

पिछले लंबे समय से उजाड़ पड़े निराला नगर मैदान की 100 एकड़ जमीन पर हाउसिंग प्रोजेक्ट लाने की रेलवे की तैयारियों को जोर का झटका लगा है. बताया गया है कि इस जमीन की फाइल का अता-पता ही नहीं है.
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कानपुर

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Alok Pandey

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Updated: 12 Oct 2018, 11:31 AM IST

Kanpur

निराला नगर में रेलवे के हाउसिंग प्रोजेक्ट पर लगा ‘ब्रेक’

कानपुर। पिछले लंबे समय से उजाड़ पड़े निराला नगर मैदान की 100 एकड़ जमीन पर हाउसिंग प्रोजेक्ट लाने की रेलवे की तैयारियों को जोर का झटका लगा है. बताया गया है कि इस जमीन की फाइल का अता-पता ही नहीं है. इसकी वजह से फिलहाल इस जमीन का भू प्रयोग बदल नहीं पा रहा है, जबकि भू प्रयोग आवासीय कराने के लिए रेलवे केडीए में प्रॉसेसिंग फीस भी जमा कर चुका है.

ऐसी मिली है जानकारी
गोविंद नगर से बर्रा बाईपास जाने वाली फोरलेन रोड पर निराला नगर स्थित पराग डेयरी से सटी रेलवे की जमीन है. यह कुल जमीन 100 हेक्टेयर के लगभग है. जूही कलां और अमरामऊ गांव की इस जमीन का भू प्रयोग रेलवे हैं, जो वर्तमान में फिलहाल उजाड़ पड़ा है.

ऐसा है प्रोजेक्‍ट
मौजूदा समय में निराला नगर स्थित इस जमीन का भू प्रयोग रेलवे है. केडीए अधिकारियों के मुताबिक इस भू प्रयोग पर रेलवे अपने कर्मियों और अधिकारियों के लिए कॉलोनी विकसित कर सकता है, पर दूसरों के लिए हाउसिंग प्रोजेक्ट नहीं ला सकता है. इसके लिए उसे भू प्रयोग बदलाव कराना जरूरी है. इसके बाद ही हाउसिंग प्रोजेक्ट का मैप या ले आउट पास कराने के लिए प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. इस 100 एकड़ जमीन पर करीब 2 हजार तक फ्लैट बनाए जा सकते हैं.

लटका हुआ है मामला
करीब चार महीने पहले रेलवे महाप्रबंधक संजय साहू की तरफ जमीन का भू प्रयोग रेलवे से आवासीय में बदलाव कराने के लिए केडीए को अप्लीकेशन दी गई. केडीए ने इसके लिए उन्हें प्रॉसेसिंग फीस की जानकारी दी. महाप्रबंधक की तरफ से 39 हजार रुपए का चेक भी जमा कर दिया गया है, पर अभी तक इस जमीन का भू प्रयोग चेंज नहीं हो सका है.

ऐसा कहना है केडीए अधिकारियों का
केडीए अधिकारियों के मुताबिक रेलवे अधिकारी जमीन ट्रांसफर के कागजात अभी तक उपलब्ध नहीं करा सके. केडीए में इस जमीन की फाइल का अता-पता नहीं है. केडीए ऑफिसर्स के मुताबिक मामला केडीए के गठन से पूर्व संभवत: नगर महापालिका के समय का है.

ऐसा बताते हैं टाउन प्‍लानर
इस बारे में केडीए के टाउन प्‍लानर ज्‍योति प्रसाद कहते हैं कि रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण के महाप्रबन्धक ने भू प्रयोग रेलवे से आवासीय कराने के लिए प्रॉसेसिंग फीस जरूर जमा की है. पर भू प्रयोग के जरूरी कागजात अभी तक वे उपलब्ध नहीं करा सके हैं. इसकी वजह से भू प्रयोग परिवर्तन नहीं किया जा सका है.