
कानपुर। अयोध्या विवाद की मध्यस्थता का प्रस्ताव देने वाले ’आर्ट आफ लिविंग’ संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने देरशाम कानपुर पहुंचे। यहां के पालिका स्टेडियम में उन्होंने योग , ध्यान और ज्ञान की त्रिवेणी बहाई। आध्यात्मिक गुरू के मंच पर पहुंचते ही तालियों की गूंज से भक्तों और युवाओं ने उनका अभिवादन किया। इस मौके पर श्री-श्री ने संघ के बारे में खुलकर बोले। कहा, संघ एक देशभक्त संगठन है और देश के विकास में अहम योगदान दे रहा है। हर अच्छी सोंच रखने वाले व्यक्ति, संस्था और संगठन के साथ जरूरी है। देश को आगे बढ़ाने वालों के लिए हमारे दरवाजे 24 घंटे खुले हैं। श्री-श्री ने बताया कि वह 12 मार्च को अयोध्या जा रहे हैं और सभी पक्षों के साथ बातचीत कर उसी दिन एक तरह से राममंदिर के निर्माण का शंखदान होगा।
24-24 घंटे कार्य करते हुए देखा
अयोध्या विवाद की मध्यस्थता का प्रस्ताव देने वाले ’आर्ट आफ लिविंग’ संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने सोमवार कहा कि राम मंदिर ? मुद्दे को सुलझाने के हमलोग बिलकुल करीब हैं और जल्द ही देशवासियों को खुशखबरी देंगे। कहा, देश के उत्थान के लिए संघ जिस तरह से कार्य कर रहा है, वह सराहनीय है। मैंने उनके स्वमसेवकों को त्रासदी के दौरान 24 घंटे कार्य करते हुए देखा है। देश में संघ की तरह और भी संगठन है जो अपने-अपने तरीके से भारत माता की सेवा कर रहे हैं। हम ऐसे सभी लोगों का स्वागत करते हैं और अपने साथ मिलाकर देश को विश्वगुरू बनाने की ओर अग्रसर हैं।
मुस्लिम संगठन भी चाहते हैं हल
श्री-श्री ने कहा कि मुस्लिम समाज के कई संगठन देश के लिए कार्य कर रहे हैं। वह अयोध्या मसले का हल कोर्ट के बजाए आपसी भाईचारे के साथ सुलझाने के पक्ष में हैं। उन्हीं में से एक उसमान नदवी है जो दिल से इस प्रोजेक्ट को हमारे साथ मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। श्री-श्री ने कहा कि अयोध्या के लोग भी विवाद को बढ़ाने के बजाए सुलझाने के पक्ष में है और 12 मार्च को अयोध्या में हम सभी फिर बैठेंगे और उसी दिन राममंदिर के निर्माण का शंखदान करेंगे। उन्होंने कहा, मैं सभी लोगों (पक्षों) से बात कर रहा हूं। दोनों समुदायों को एकसाथ आगे आना चाहिए। समस्या का अदालत से बाहर समाधान सर्वश्रेष्ठ समाधान होगा।’’श्री श्री ने बताया, पिछले महीने हुई उनकी अयोध्या यात्रा के समय से उन्हें मुद्दे पर सकारात्मक जवाब मिल रहा है।
वह खुद की इच्छा से करता हूं
उन्होंने कांग्रेस के इस आरोप पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि वह सरकार के एजेंट हैं। आध्यात्मिक गुरु ने कहा, ‘‘मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन यह कहना चाहूंगा कि मैं जो काम करता हूं, वह खुद की इच्छा से करता हूं। मैंने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का प्रण लिया है और उम्मीद रखिए सबकुछ अच्छा होगा। श्री-श्री ने कहा कि कानपुर विद्या का क्षेत्र है। यहां से युवा अपनी काबलियम के दम पर दुनिया के अलग-अलग देशों में नाम रोशन कर रहे हैं। कानपुर भविष्य में शिक्षा की क्रांति लाने वाला शहर बनेंगा। यहा के युवा किसी भी तरह के जॉब में अपना सौ फीसदी प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। कहा, यदि युवा यह कहता है कि ये काम आसानी से हो गया तो समझों बुढ़ापा आ गया।
श्री-श्री ने युवाओं को दी नसीहत
श्री-श्री ने गुजरात के कारोबारी नीरव मोदी और विक्रम कोठारी का नाम लिए बगैर कहा कि सफलता पहले आना ठीक है। पहले सफलता पाने वाने कई लोग सलाखों के पीछे हैं। सफलता में असफलता मिले तो समझना चाहिए कि प्रयास सही है। श्री-श्री ने कहा कि कुछ लोगों ने आगे बढ़ने के लिए गलत तरीका इजाद किया और आज कानून के बचने के लिए भाग रहे हैं। अगर उन्होंने मेहनत और इमानदारी के दम पर बिजनेस फैलाया होता तो देश उन्हें अपने सिर पर बैठाता। देश में आज भी कई इमादार उद्योगपति हैं जो देश के विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पण कर दिया है।
Published on:
27 Feb 2018 04:58 pm
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