ऐतिहासिक मन्दिर खेरेपति नें नागपंचमी के दिन हजारों की संख्या में देश व विदेश से भक्त आते हैं। भक्त भगवान शिव को खुश करने के लिए बेलपत्र के साथ ही सपेरों से सांप खरीदते हैं और लिंग पर चढ़ाने के बाद उन्हें जंगल में छोड़ देते हैं। कानपुर नवाबगंज निवासी दिलीप गुप्ता ने बताया कि उनके घर में हररोज विषैले सांप निकलते थे। तभी मोहल्लो के लोगों ने बताया कि श्रावण मास पर खेरेपति धाम जाकर सांप खरीदकर शिव की लिंग पर चढ़ा दें, घर से सांप अपने आप ही चले जाएंगे। दिलीप के मुताबिक वह पत्नी सहित खेरेपति मंदिर गए और सांप खरीदा व भगवान शिव की लिंग पर चढ़ाया। पांच साल बीत गए, लेकिन फिर कभी घर में सांप नहीं दिखे। सावन में खेरेपति मन्दिर के प्रांगण का दृश्य देखने के योग्य होता हैं क्या बूढ़े क्या बच्चे क्या जवान वह महिलाएं आस्था में सरोबर होकर महादेव के दर्शन के लिए व्याकुल दिखती है। देर रात से लम्बी-लम्बी लाइन लगने के बाद भी जब बाबा के दर्शन मात्र ही उन सभी लोगों की थकान दूर हो जाती है। इस प्रांगण का नागपंचमी के दिन महामेले का आयोजन भी किया जाता है।