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बड़ी खबर: 17 नेताओं की योग्यता दरकिनार, श्रीप्रकाश जायसवाल के एक फोन से मिला टिकट, ऑडियो वायरल…

कांग्रेस की दिग्गज नेता रेहाना बेग ने अपनी और जिलाध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री का आडियो सोशल मीडिया में वायरल किया है।

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Congress

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कानपुर. उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव की घोषणा के बाद शहर तो खामोश है, पर राजनीतिक दलों के अंदर उबाल है। पार्टी से जिनको टिकट मिल गया वो खुश हैं और जिन्हें नहीं मिला वो नाराज हैं। वे अब टिकट वितरण में हो रही धांधली की पोल खोल रहे हैं। काग्रेस से मेयर पद के लिए वंदना मिश्रा के नाम का जैसे ही ऐलान हुआ, वैसे ही कई कांग्रेसी अंदरखाने बगावत पर उतारू हो गए और हाईकमान पर रुपए लेकर टिकट देने का आरोप लगा रह हैं। शनिवार को कांग्रेस की दिग्गज नेता रेहाना बेग ने अपनी और जिलाध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री का आडियो सोशल मीडिया में वायरल किया है, जिसमें जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस से कानपुर की मेयर प्रत्याशी वंदना मिश्रा को कैसे टिकट मिला, उसकी सच्चाई बयां करते हुए सुनाई पड़ रहे हैं। आडियो में साफ तौर पर जिलाध्यक्ष मानते हैं कि कांग्रेस जिला ईकाई और संगठन किसी भी हालत में वंदना को टिकट देना नहीं चाहती थी, लेकिन पूर्व मंत्री ने वीटो का इस्तेमाल कर लखनऊ से इनके नाम पर मुहर लगवा दी।

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हरिप्रकाश अग्निहोत्री ने बयां की सच्चाई

कानपुर से सपा, बसपा और कांग्रेस ने मेयर पद के लिए उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी, जिसके चलते तीनों दलों के अंदर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त घमासान मचा हुआ है। जिन्हें टिकट नहीं मिला है, वे उम्मीदवारों का खेल बिगाडऩे के लिए नए-नए हथकंडे आजमा रहे हैं। शनिवार को कांग्रेस नेता रेहाना बेग ने एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल कर पार्टी में किस तरह से टिकट दिए जा रहे हैं, उसकी पोल खोली तो कांग्रेस और राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मच गया। आडियो में फातिमा बेग कानपुर से कांग्रेस के नगर अध्यक्ष हरिप्रकाश अग्निहोत्री से बात करती हुईं सुनाई पढ़ रही हैं, जहां रेहाना कांगेस जिलाध्यक्ष से कहती हैं, जो कार्यकर्ता जमीन पर रहकर पार्टी के लिए काम कर रहा था, उसे टिकट न देकर एक कारोबारी की हाउस वाइफ को चुनाव में उतारा गया ह, जो सरासर गलत है। जिस पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष कहते हैं, मैडम क्या करें, स्थानीय संगठन के हाथ में कुछ नहीं है। पूरे फैसले लखनऊ से लिए जा रहे हैं। हमने तो 17 दावेदारों की सूची प्रदेश कार्यालय भिजवाई थी, पर एक मंत्री के कहने पर वंदना के नाम पर हाईकमान ने मुहर लगा दी।

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... तो श्रीप्रकाश के चलते वंदना को मिला टिकट

ऑडियो में पूरी बातचीत के दोरान जो बातें सामने निकल कर आई हैं, उसके अनुसार वंदना को टिकट पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के कहने पर दिया गया है। खुद बातचीत के दौरान हरिप्रकाश अग्निहोत्री ने खुलासा किया कि विधायक अजय कपूर और मंत्री जी के बीच टिकट को लेकर जबरदस्त घमासान चल रहा था। पूर्व मंत्री जी ने दिल्ली में बैठकर हाईकामन को साधा और प्रदेश अध्यक्ष से वंदना मिश्रा के नाम पर मुहर लगवा दी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अपनी बातचीत के दौरान कह रहे हैं कि बुधवार को कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक के दौरान वंदना मिश्रा का नाम पूर्व मंत्री जी के करीबी ने आगे किया था, जिसका हमने विरोध किया। बैठक के दौरान किसी नेता ने हमारा साथ नहीं दिया। प्रदेश कार्यालय से हमारे पास फोन आया और सिर्फ वंदना मिश्रा का नाम ही भेजने को कहा गया।

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पूर्व मंत्री जी के आगे अजय कपूर की नहीं चली

बातचीत के दौरान हरिप्रकाश अग्निहोत्री ने माना कि वंदना मिश्रा का टिकट मंत्री जी ने फाइनल करवाया। वहीं अजय कपूर ऊषा रत्नाकर को लेकर दिल्ली गए। इसकी भनक जब पूर्व मंत्री जी को लगी तो उन्होंने कांग्रेस की कोर गु्रप से वंदना मिश्रा का नाम भेजने को कहा। हम लोगों ने एतराज किया तो प्रदेश कार्यालय से फोन आया और हमें मजबूरी में एक नाम भेजना पड़ा। पूर्व मंत्री जी और अजय कपूर की जंग का खामियाजा आपको और अन्य कार्यकर्ताओं को उठाना पड़ा। वहीं मामले पर रेहाना ने कहा कि अब पहले वाली कांग्रेस नहीं रही, जहां कैडर को महत्व दिया जाता था, लेकिन अब कांग्रेस भी अन्य दलों की तरह हो गई है, जहां धन-बल वाले लोगों को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा जा रहा है। रेहाना कहती हैं, शहर से 17 महिलाओं ने मेयर पद के लिए आवेदन किया। सभी दावेदार कई सालों से कांग्रेस के लिए जमीन पर रहकर संघर्ष कर रही हं, लेकिन उनकी जगह एक हाउस वाइफ को तवज्जो दी गई, जो गलत है।

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