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राजौरी आतंकी हमले में कानपुर का ‘लाल’ शहीद, मां और पत्नी बेहोश, छोटी बहनों का बुरा हाल, गांव में नहीं जले चूल्हे

UP News: जम्मू कश्‍मीर के राजौरी पुंछ सेक्टर हुए आतंकी हमले में कानपुर का लाल शहीद हो गया। यह हमला गुरुवार को उस समय हुआ, जब घने जंगलों के बीच से सेना के जवान गुजर रहे थे। इसकी सूचना से शहीद के गांव में कोहराम मचा है। वहीं मां और पत्नी बार-बार बेहोश हो रही हैं। जबकि छोटी बहनों का बुरा हाल है।

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Terrorist Attack in Jammu And Kashmir: जम्मू-कश्मीर के राजौरी पुंछ सेक्टर में गुरुवार को घने जंगलों के बीच सेना के वाहनों पर हुए आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए। इनमें से एक कानपुर के चौबेपुर का शूरवीर था। नायक चालक करन कुमार यादव चौबेपुर के भाऊपुर गांव का निवासी था। सैन्य अधिकारियों ने इस हमले की जानकारी रात में ही शहीद के परिजनों को दी। इसके बाद से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं शहीद की मां और पत्नी उसे याद कर बार-बार बेसुध हो जाती हैं। जबकि छोटी बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चौबेपुर और उसके आसपास के गांवों में भी शुक्रवार को चूल्हे नहीं जले।


इस दौरान बेटे को याद कर बार-बार शहीद की मां बेहोश हो जा रही हैं। परिजन उन्हें ढांढ़स बंधा रहे है। चौबेपुर के भाऊपुर गांव निवासी पेशे से किसान बालक राम यादव ने बताया कि उनका बेटा करन कुमार दो भाइयों में और तीन बहनों में सबसे होनहार था। परिवार में वह दो बहनों से छोटा था। करन साल 2013 में सेना में भर्ती हुआ था। इन दोनों उसकी तैनाती जम्मू कश्मीर के राजौरी क्षेत्र में थी। उसकी बड़ी बहन साधना और आराधना की शादी हो चुकी है। जबकि छोटी बहन सोमवती और छोटा भाई अर्जुन अविवाहित है।


शहीद करन यादव के पिता बालक राम ने बताया "करन की पत्नी अंजू बच्चों के साथ रामादेवी में रहती है। करन की 6 साल की बेटी आर्या और दो साल का बेटा आर्यन है। बेटे के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद उसे करन की मां सरस्वती और पत्नी बेसुध हो गई। वहीं गांव में भी मामत छाया है।" उन्होंने आगे बताया "सैन्य अफसरों के अनुसार सेना की आरआर बटालियन ने टोपा पीर क्षेत्र में आतंकी गतिविधियां होने के चलते तलाशी अभियान चला रही थी।

इसी दौरान गुरुवार दोपहर जिप्सी पर सवार होकर बफलियाज मार्ग से गुजर रहे सेना के वाहन पर आतंकियों ने हमला कर दिया। हमले में पांच जवान मौके पर ही शहीद हो गए।" पिता बालक राम ने बताया कि उन्हें बेटे करन की शहादत पर गर्व है। करन उनका बड़ा बेटा था। आतंकी हमले में शहीद होकर उसने देश ही नहीं कानपुर और चौबेपुर का नाम रोशन किया है। गांव के प्रधान प्रदीप यादव ने बताया कि करन बेहद मिलनसार था और लोगों का चहेता था वह जब गांव आता था तो सभी से आकर मिलता भी था।