
मंत्री उपेंद्र तिवारी का अखिलेश यादव पर विवादित बयान, कहा- जनता का पैसा हिरोइनों पर को बांटा
कानपुर. उत्तर प्रदेश के जल संशाधन, परती भूमि विकास, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी सर्किट हाउस में अफसरों के साथ समीक्षा बैठक के लिए कानपुर आए। यहां सर्किट हाउस पर मंत्री ने पहले जिले के अधिकारियों की कार्यों में लापरवाही बरतने पर जमकर खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने गरीब जनता के पैसों को उनके विकास के बजाए हिरोइनों को बांटे। पिता, चाचा और बबुआ ने जनता से किए वादे पूरे नहीं किए, अधिकतर पैसे का जमकर बंदरबाट किया गया। मंत्री ने योगी सरकार के कार्यों का गुणगान करते हुए बताया कि किसानों की कर्जामाफी कर दी गई। घर-घर शौचायल बनवाए जा रहे हैं। छह माह के कार्यकाल के दौरान बेपटरी ब्यूरोक्रेट्स को पटरी पर लाया गया है।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री जी हुए लाल
स्वतंत्र प्रभार मंत्री उपेंद्र तिवारी सर्किट हाउस में जिले के तमाम अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान पूछे गए प्रश्नों पर सही जवाब नहीं दे पाए अफसरों को लताड़ लगाते हुए कहा कि सुधर जाएं या वीआरएस लें ले। अगर विकास कार्यो पर कोताही बरती गई, तो जेल जाने के लिए तैयार रहें। मंत्री ने पूर्व सीएम पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव अपने पिता को खुश करने के लिए जनता के पैसे से बॉलीवुड की हिराइनों को बुलवाते रहे और सरकारी खजाने का पैसा उन पर लुटाते रहे। अब ये देखना है कि सैफई में इस साल वही जलसा होता है कि नहीं।
शिवराजपुर से विधायक हैं सतीश महाना
स्वतंत्र प्रभार मंत्री ने उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी को खड़ा कर उनसे जिले में भाजपा के कितने विधायक हैं पूछा तो उन्होंने जवाब दिया दस सर। इसके बांद मंत्री ने प्रदूषण बोर्ड के एई से प्रश्न किया कि आपके जिले के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना किस विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं तो अफसर ने बताया कि शिवराजपुर से। ये सुनकर मंत्री गुस्से से लाल हो गए और कहा कि जनता की समस्याओं को दूर करने की जिम्मेदारी निभाने वाले अफसरों को शहर के विधायकों के नाम नहीं पाता। ऐसे में ये अफसर जनता की सेवा कैसे कर सकते हैं। मंत्री ने सभी अफसरों को जमकर फटकारा और कहा कि आपको चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए।
ले लो वीआरएस, नहीं तो जेल जाने को रहो तैयार
मंत्री ने अफसरों से कहा कि सांसद विधायक का प्रोट्रोकाल सबसे ऊपर होता है। जब आपको अपने जनप्रतिनिधियों के नाम नहीं पता, तो जनता का आप लोग कैसे भला कर सकते हो। आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि अगर काम नहीं कर सकते तो 50 से ज्यादा वर्ष की आयु वाले अफसर वीआरएस लेकर आराम से घर जाएं। काम करना है तो जमीन पर जाना होगा। लापरवाही मिली तो बाबुओं जेल भेजे जाओगे। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि दो दिन पहले हापुड़ में पांच लोगों को सस्पेंड करके आया हूं। इसलिए अच्छी तरह से निरीक्षण और समीक्षा कर लें, अगली बार गड़बड़ी मिली तो सख्त कार्रवाई होगी।
Updated on:
19 Sept 2017 12:24 pm
Published on:
19 Sept 2017 12:22 pm
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