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झमाझम बरस रहे हैं बदरा, शहर का बिगाड़ा हाजमा

बारिश ने जन-जीवन किया अस्त-व्यस्त, नगर निगम की खुली पोल, घर और स्कूल टापू में तब्दील

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झमाझम बरस रहे हैं बदरा, शहर का बिगाड़ा हाजमा

कानुपर। पिछले चार दिन से लगातार रूक-रूक कर हो रही बारिश ने जहां नगर निगम की पोल के साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कलई खोल कर रख दी है। बारिश का पानी जहां लोगों के घरों के अंदर प्रवेश कर गया है तो वहीं कानपुर के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल टापू में तब्दील हो गए हैं। बच्चों के साथ टीचर भी जान जोखिम में डाल कर गहरे पानी में उतर कर स्कूल जा रही हैं। अभिभावकों का कहना है कि बरसात आने से पहले स्कूल पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण नहीं कराया गया। बारिश का पानी गड्डों में भरा है और नौनिहाल पानी में गिरते-भींगते स्कूल जा रहे हैं।
चार दिन से जारी है बारिश
बुधवार का आगाज झमाझम बरसात के साथ हुआ, जो शनिवार को भी जारी है। पहले दिन की बारिश ने नगर निगम की पोल खोल कर रख दी। बरसात से चंद मिनटों में ही नालियां उफनने लगी। कुछ ही देर में शहर की प्रमुख राहों से लेकर गलियों तक पानी ही पानी दिख रहा था। जिन घरों में बीते तीन-चार सालों में अंदर तक पानी नहीं पहुंचा था, उन घरों में भी सामान तैरने लगा। शहर की प्रमुख सड़कों पर कई दुकानों में पानी घुस गया। जलभराव के चलते आमशहरी नगर निगम के इंतजामों को कोसते दिखाई दिए। लोगों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी सोते रहे, वहीं मेयर प्रमिला पांडेय ने भी इनके खिलाफ एक्शन नहीं लिया। जिसके चलते साउथ की करीब दस लाख आबादी भीषण जलभराव से जूझ रही है।
सड़कों में बहने लगा पानी
बारिश ने पूरे शहर का हाजमा बिगाड़ दिया है। शनिवार सुबह सात बजे करीब एकाएक तेज बरसात शुरू हो गई। बारिश इतनी तेज थी आधे घंटे में ही नालियां उफन गई तथा पानी सड़कों पर बहने लगा। सुबह का वक्त होने के कारण वाहनों का दबाब तो राहों पर कम था, मगर बरसात ने सुबह टहलने वालों को सुरक्षित स्थान के लिए दौड़ लगाना पड़ी। बरसात न रुकने पर लोग भीगते हुए घरों पर पहुंचे। थोड़ी ही देर में शहर की हर राह पर जलभराव के हालात थे। नौबस्ता के अलावा शास्त्री नगर, पांडव नगर, विजय नगर सहित अन्य इलाके जलमंग्न हो गए। शहर की सड़कों के तालाब जैसा रूप लेने से सबसे ज्यादा परेशानी राहगीरों को हुई। दुपहिया वाहन चालक बाइक एवं स्कूटी की खींचते हुए नजर आए।
स्कूलों के अंदर घुसा पानी
चौबेपुर क्षेत्र के तातियागंज का प्राथमिक स्कूल बारिश के बाद टापू की शक्ल में तब्दील हो चुका है। कुछ बच्चे पानी में जमकर तैराकी करते नजर आए तो कुछ गिरते हुए पाए गए। वहीं ठीचरों ने बताया कि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के चलते स्कूल परिसर में लबालब पानी भरा गया हैं। जब तक पानी की निकासी नहीं होती तब तक बच्चों को स्कूल नहीं आने को कहा गया है। जबकि हमलोग समय पर जलभराव से गुजर कर स्कूल आएंगे। वहीं शुक्रवार को घाटमपुर तहसील के सिममरनपुर स्कूल में पानी भर जाने से बच्चों के बैठने के लिए रखा फर्श भी पानी में तैरने लगा। जो बच्चे स्कूल पहुंच गए थे मजबूरी में वो बच्चे भी इधर-उधर बरामदे में खड़े होकर घर जाने के लिए बरसात रुकने का इंतजार करने लगे।
घरों में घुसा पानी, बिफरे लोग
नगर निगम में सफाई कार्य के नाम पर जो खेल हुआ, उसका खामियाजा शहरवासियों ने शनिवार को झेला। जिन घरों में बीते चार से पांच साल में पानी नहीं भरा था, उन घरों में भी दो घंटे की बरसात में पानी भर गया। शास्त्री नगर जैसे मुहल्ले में दो दर्जन से भी ज्यादा घरों में अंदर तक पानी भर गया। कई घरों में तो रसोई तक पानी पहुंच गया। चप्पलों सहित अन्य सामान तैरने लगा। कइयों ने तो रसोई में रखे हुए सामान को ऊपर रखा। वहीं कई घरों में बैडरूम एवं ड्राइंग रूम तक पानी पहुंच जाने से घरों में बिछे कालीन भी खराब हो गए। इससे लोगों में खासा रोष है। मुहल्ले के लोगों की मानें तो इससे क्षेत्र की समस्या बढ़ गई है। दो घंटे की बरसात में इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया। इतना पानी सालों बाद इस क्षेत्र में बढ़ा है।
अभी जारी रहेगी बरसात
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक बादल अभी मेहरबान बने रहेंगे। आने वाली 31 जुलाई तक बारिश होती रहेगी। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. नौशाद खान ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को रिमझिम बारिश और इसके बाद 31 जुलाई तक तेज बारिश होने का अनुमान है। जिले में में 60 मिलीमीटर बारिश हो गयी और समाचार लिखे जाने तक भी बारिश होती रही। कृषि मौसम वैज्ञानिक डा. नौशाद खान ने बताया कि कानपुर के आस-पास मानसून का जोन बन चुका है। कहा कि आज 60.4 मिलीमीटर बारिश हुई है जो खरीफ की फसलों के लिये किसानों के लिये वरदान साबित होगी। कहा कि आगामी पांच दिनों तक का फोरकास्ट बता रहा है इससे अधिक बारिश होने की संभावना है। लेकिन बीच के तीन दिनों में मानसून कुछ कमजोर हो सकता है क्योंकि आज हवाओं की दिशाएं दक्षिणी-पश्चिमी हो गयी है।

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