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गर्मी का कहरः कानपुर में गर्मी से पांच की मौत, 60 मरीज भर्ती, विशेषज्ञों ने बताई बड़ी वजह

Summers Update: कानपुर में गर्मियों का कहर भयंकर देखने को मिल रहा है। ब्रेन स्ट्रोक का शिकार होने के साथ अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

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रिकार्ड तोड़ गर्मी के चलते बीमारियां का हमला तेज हो गया है। हीट स्ट्रोक, डायरिया ने फिट लोगों को भी बीमार कर दिया है। बीते 24 घंटे में शहर में हीट स्ट्रोक और डायरिया ने पांच लोगों की जान ले ली है। मरने वालों में दस साल का बच्चा भी है। वहीं गर्मी की वजह से बीमारों का अस्पताल पहुंचने का रिकार्ड भी टूटा है। हैलट-उर्सला के साथ नर्सिंग होम में शनिवार रात से रविवार शाम तक 60 मरीजों को भर्ती किया गया। सभी में गर्मी और लू के कारण ईलेक्ट्रोसाइट असंतुलन पाया गया है। हैलट की इमरजेंसी में मरीजों का रात से भीड़ लगी है। प्राथमिक उपचार कर मरीजों को मेडिसिन वार्ड और वार्ड 1 में शिफ्ट किया जा रहा है।

पहली बार शहर के साथ ग्रामीण इलाकों से भी मरीजों की भीड़ आ रही है। शुक्लागंज के रहने वाले रामेश्वर प्रसाद (71) और सफीपुर की रजनी (52) को रात में ही हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। जिन्हें हीट स्ट्रोक के साथ ही हार्ट अटैक भी पड़ा था। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर उन्हें कॉर्डियोलॉजी रेफर कर दिया। रविवार सुबह रामेश्वर तो दोपहर में रजनी ने दम तोड़ दिया। इसी तरह डायरिया से चौबेपुर के किशोर (10 ) की मौत सीएचसी में हो गई। उसका रात से इलाज चल रहा था, लेकिन मेननजाइटिस के कारण उसकी मौत हो गई।

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नर्सिंग होम में डेढ़ दर्जन इलाजरत

गर्मी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हैलट और उर्सला में हीट स्ट्रोक, डायरिया और किडनी फेल होने पर 42 मरीजों को रात से भर्ती कराया गया है जबकि 18 मरीज सिविल लाइंस, सर्वोदय नगर, स्वरूप नगर के नर्सिंग होम में भर्ती किए गए हैं।

गर्मी में ज्यादा देर रहने से बढ़ रहा बीपी

हैलट के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ.युवराज गुलाटी की मानें तो हालात अब बिगड़ने लगे हैं। डिहाइड्रेशन के चलते चंद घंटों में लोगों का ईलेक्ट्रोलाइट सिस्टम फेल हो रहा है। उल्टी-दस्त, पर्याप्त मात्रा में पानी या तरल पदार्थ ना लेना, जरूरत से ज्यादा पसीना आना, किडनी या लिवर की बीमारी वाले लोगों में सर्वाधिक परेशानी हो रही है। गर्मी में बहुत देर रहना भी बीपी को बढ़ा रहा है। आधा दर्जन मरीजों को तो सिर्फ कॉडियोलॉजी रेफर किया गया है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. रिचा गिरि का कहना है कि गर्मी से मरीजों का तांता लग गया है। सोमवार को और मरीजों की भीड़ आने के हालात लग रहे हैं इसलिए ओपीडी के साथ इमरजेंसी में भी एसआर-जेआर की टीमें बढ़ा दीं गईं हैं।

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