13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मानव तस्करी में फंसी महिलाओं ने लगाई गुहार, महिलाएं बोली भारत भेजने के लिए कर्मचारी मांग रहे डेढ़ लाख

-ओमान में फंसी उन्नाव की दो महिलाओं ने डीसीपी क्राइम से लगाई गुहार,-मानव तस्करों के चंगुल में फंसकर पहुंची थी ओमान,-वॉयस मैसेज भेजकर लगाई गुहार

2 min read
Google source verification
मानव तस्करी में फंसी महिलाओं ने लगाई गुहार, महिलाएं बोली भारत भेजने के लिए कर्मचारी मांग रहे डेढ़ लाख

मानव तस्करी में फंसी महिलाओं ने लगाई गुहार, महिलाएं बोली भारत भेजने के लिए कर्मचारी मांग रहे डेढ़ लाख

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. ओमान में तस्करों (Human Trafficker) के चंगुल में फंसी उन्नाव की दो महिलाओं को भारत वापस भेजने के लिए डेढ़ लाख रुपए मांगे गए हैं। दरअसल अभी तक ओमान (Oman Human Traffic) में फंसी उन्नाव की दोनों महिलाएं मानव तस्करों के चंगुल से आजाद नहीं हो सकी हैं। महिलाओं द्वारा डीसीपी क्राइम (DCP Crime Kanpur) से गुहार लगाई गई, जिसके बाद उन्होंने ओमान स्थित भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया था। आरोप है कि महिलाओं को वापस भारत भेजने के लिए दूतावास के कर्मचारी ने डेढ़ लाख रुपये की मांग की हैं। उन्होंने रकम दे पाने में असमर्थता जताई है।

बीते अप्रैल माह में उन्नाव के राजमिस्त्री की पत्नी ओमान में मानव तस्करों के चंगुल में फंस गई थी। मामले के कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने प्रयास कर उसे भारत बुलाया था। जिसके बाद वह घर लौट पाई थी। इसके बाद पुलिस ने नौकरी का झांसा देकर ओमान भेजने वाले दोनों मानव तस्कर अतीकुर्रहमान व मुजम्मिल को जेल भी भेजा था। पंजाब की भी दो महिलाएं कानपुर पुलिस के प्रयास से वापस अपने घर लौट सकी थीं। इसके बाद तीन और महिलाओं ने कानपुर पुलिस से गुहार लगाई है। इसमें उन्नाव की कांशीराम कालोनी की रहने वाली एक महिला ने डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल को वायस मैसेज भेजकर मदद मांगी है।

यह महिला उन्नाव के राजमिस्त्री की पत्नी के साथ ओमान गई थी। दूसरी एक और महिला सफीपुर उन्नाव है। इन दोनो महिलाओं ने बताया कि उनके पास के भारतीय दूतावास से किसी कर्मचारी का फोन आया था। उन्होंने कहा भारत पहुंचाने में डेढ़ लाख का खर्च आएगा, उसे जमा कराना होगा। महिला ने वॉयस मैसेज भेजकर गुहार लगाई है। वहीं महिलाओं ने बताया कि वह खुद ही बंधक बनकर काम करने को मजबूर हैं। आए दिन उनके साथ मारपीट की जाती है। महिला ने डेढ़ लाख रुपये का इंतजाम करने में असमर्थता जताई है।