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दुआ कबूल करो अल्लाह… अमन-चैन के लिए रोजा रख रहीं छोटी बच्चियां

रमजान में दिन भर भूखा-प्यासा रह कर रही खुदा की बंदगी

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हिण्डौनसिटी. या, अल्लाह अमन चैन बश, मेरे देश की रक्षा कर... यह दुआ पवित्र रमजान के पाक महीने में हर मुस्लिम घर से आ रही है। बड़े तो बड़े छोटे बच्चे भी रोजा रखकर देश में अमन, चैन और खुशहाली के साथ बरकत की दुआ मांग रहे हैं। दिन भर चटर-पटर खाने की उम्र में नन्हे बच्चे भूखा प्यासा रह कर खुदा की बंदगी करने में जुटे हैं। और नमाजों में रहत और बरकत के साथ अमन चैन की दुआ मांग रहे है।

हिण्डौन के मुस्लिम मोहल्लों और कॉलोनियों में पवित्र रमजान के पाक महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग इन दिनों रोजा रख रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच रोजा रखना कठिन होता है। ऐसे में शहर के यातायात प्रभारी शरीफ अली की पौत्री अल्फिया (8), फातिमा (5) इन दिनों रोजा रखकर समाज के लिए मिसाल कायम कर रही हैं।

ये बच्चियां भूख-प्यास को दरकिनार कर लगातार 15 घंटे अल्लाह की इबादत करते हुए रोजा रख रही हैं। इस दौरान बच्चियां देश में उपजे तनाव को खत्म करने के साथ ही अमन और चैन के लिए भी दुआ मांग रही हैं। इन बच्चियों के जज्बे को सभी जमात के लोग मुबारकबाद देते हुए हौसला अफजाई कर रहे हैं।

मिसाल दे रहीं बेटियां-
यह बच्चियां रोजा रखकर, घर वालों के अलावा सभी के लिए मिसाल कायम कर रही है, इस उम्र में जहां बच्चों से भूख सहन ही नहीं होती, वहीं अलसुब्बह सवा चार बजे से शाम 7 बजे तक भूखे रहकर रोजा रख अमन, चैन खुशहाली के लिए दुआ मांग रही दोनों बहनों ने सबका दिल जीत लिया है।

रोजा रखने वाली अल्फिया का कहना है कि रमजान के मुकद्दस महीने में अल्लाह के दरबार में रहमतों के दरवाजे हमेशा खुले रहते है, इसलिए हम रोजा रख कर अल्लाह से पूरे देश में अमन शांति के साथ ही तरक्की की दुआ कर रहे हैं। हमें भरोसा है अल्लाह हमारी दुआ जरूर कबूल करेगा। इन बच्चों के परिजन भी बच्चों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं।