
पटोंदा. खेतों में बाजरा की कटी फसल के सिट्टों में फफूंदी दिखाते किसान।
पटोंदा. /हिण्डौनसिटी.
खरीफ की फसल में खराबे का सिलसिला थम नहीं रहा है। फडका से चट हुई बाजरा की फसल में अब फफूंदी रोग किसानों को दोहरा नुकसान दे रही है। पूर्वी हवाओं के साथ रुक-रुक कर हो रही बारिश से खेतों में कटी पड़ी बाजरा व तिल की फसल में अब गलन व सडऩ होने लगी है। किसानों के अनुसार क्षेत्र में आधे से ज्यादा फसल में खराब हो चुकी है।
पटोंदा निवासी किसान राधे जाट, रामेश्वर जाट, इरनिया निवासी कमलराम मीना, आदि ने बताया कि पहले बाजरे की फसल को फड़का ने चट कर दिया। अब कटाई के समय हो रही बारिश से बाजरा के सिट्टों में सडऩे के साथ दाने उगने लगे है। वहीं धूप नहीं निकलने से खेतों मेें सूखने के लिए डाले बाजरा के सिट्टों में बारिश में भीगने से सडऩ होने लगी है।
किसानों का कहना है कि दो तीन दिन और बारिश रही तो खेतों में कटी पड़ी बाजरे के सिट्टे अंकुरित होने लग जाएगी। इसके अलावा पशुओं का चारा भी खेतो में सड़ रहा है। क्षेत्र के गांव पटोंदा, सनेट, कजानीपुर, इरनिया, जहानाबाद, सिकरौदा, विनेगा,दानालपुर, खेडिया, हिंगोट, कादरौली सहित दर्जनों गांवों के खेतों में कटी पड़ी बाजरे की फसल के गलने एवं सडऩे की आंशका बनी है। क्षेत्र किसानों ने खराबे की गिरदावरी कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
50 से 70 प्रतिशत तक है नुकसान
श्री महावीरजी क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में बारिश एवं फड़का से करीब 50 से 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। वही सहायक कृषि अधिकारी तेजभान सिंह ने बताया कि श्री महावीरजी क्षेत्र की करीब एक दर्जन ग्राम पंचायतों में करीब 5300 सौ हेक्टेयर भूमि में बाजरे की बुआई की गई। जिसमें फड़का एवं बारिश सिट्टों पर फफूंदी लग गई है। जिससे सिट्टों में दाना नष्ट हो गया। क्षेत्र में बाजरे की फसल में करीब 70 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है।
Published on:
21 Sept 2021 11:50 pm
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