जिले के दूसरे जिला स्तरीय चिकित्सालय में लगे तीनों ऑक्सीजन प्लांट चार माह से ठप पडे हैं। ऑक्सीजन उत्पादन नहीं होने से भर्ती रोगियों को सिलेण्डरों से मैनीफोल्ड के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। चिकित्सालय में प्रतिदिन 15-20 बड़े ऑक्सीजन सिलेण्डरों की खपत हो रही है।
कोरोना काल में दो वर्ष पहले जिला राजकीय चिकित्सालय में सरकार ने कोविड़ उपचार प्रबंधन के सुद्रढ़ीकरण के तहत 24, 75 और 100 सिलेण्डर क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराए थे। इससे चिकित्सालय में प्रतिदिन 199 सिलेण्डर ऑक्सीजन उत्पादन होने शुरू हो गया। लेकिन प्लांट लगाने वाली कम्पनियों की ओर से वार्षिक रखरखाब नहीं करने से ऑक्सीजन प्लांट कुछ माह बाद ही हाफ ने लग गए।
चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार नगर परिषद से माध्यम से नई दिल्ली की धवल ब्रोकस इंटर प्राइजेज द्वारा लगाया 75 सिलेण्डर के क्षमता ऑक्सीजन प्लांट तो कुछ माह चलने के बाद ही खराब हो गया। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जरिए यूलनी व रील कम्पनी द्वारा स्थापित 100 व 24 सिलेण्डर क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़े है। ऐसे में सिलेण्डर मंंगवाकर चिकित्सालय के वार्डों में भर्ती रोगियों की उखड़ती सांसों को संवारा जा रहा है। सर्दी में तेजी आने के साथ अस्पताल में श्वसन संबंधी रोगियों की आवक में इजाफे से ऑक्सीजन की खपत भी बढऩे लगी है।
हर रोज खप रहे 20 सिलेण्डर-
तीनों ऑक्सीजन प्लांटों से ठप होने से चिकित्सालय में सिलेण्डरों से मैनीफोल्ड के जरिए जा रही है। सर्वाधिक ऑक्सीजन की जरुरत आईसीयू, एसएनसीयू व मेडिकल वार्ड में पड़ती है। जिससे प्रतिदिन 20 सिलेण्डर रीत रहे हैं। ऐसे में प्रति दिन करौली के निजी ऑक्सीजन प्लांट से सिलेण्डरों को रिफिल कर मंगवाया जा रहा है। जिस पर हर प्रतिमाह कई लाख रुपए खर्च हो रहे हैं।
सात माह पहले भी हुए थे ठप
चिकित्सालय में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट सात माह पहले भी खराब हुए थे। उस दौरान प्लांट में ऑक्सीजन शुद्धता घटने से संचालन बंद करना पड़ा था। चिकित्सालय प्रशासन के प्रयासों के बादप्लांट शुरू हुए, लेकिन एकाध माध्य चलने के बाद ही फिर से ठप पड़ गए।
इनका कहना है
ऑक्सीजन प्लांटों की मरम्मत के लिए जिला व राज्य स्तरीय अधिकारियों हर सात दिन में लिखा जा रहा है। तीनों प्लांटों के ठप होने के बारे में प्रशासन व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को भी बता दिया है। रोगियों को सिलेण्डरों से ऑक्सीजन दी जा रही है।
पुष्पेंद्र कुमार गुप्ता, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी
जिला चिकित्सालय, हिण्डौनसिटी.