
हिण्डौनसिटी. राज्य सरकार ने नाम बदल कर अन्नपूर्णा रसोई योजना में भोजन की थाली पर भले ही अनुदान बढ़ा दिया है। लेकिन रसोई घर संचालकों को 8 माह से भुगतान नहीं मिला है। जरूरतमंदों को दोनों समय गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने वाली अन्नपूर्णा रसोइयां आर्थिक समस्याओं से जूझ रहीं हैं। अकेले हिण्डौन नगर परिषद क्षेत्र में संचालित अन्नपूर्णा रसोईयों के अनुदान राशि सहित भवन किराया व बिजली के बिल का करीब 50 लाख रुपए का भुगतान लंबित चल रहा है।
नगर परिषद क्षेत्र में विभिन्न इलाकों अन्नपूर्णा रसोई संचालकों को अगस्त 2023 के बाद से भुगतान नहीं मिला है।आर्थिक तंगी से जूझ रहे संचालकों का बाजार से उधारी में राशन सामग्री लाकर लोगों को खाना खिलाना पड़ रहा है। महीनों से चल रहे उधारी के ढर्रे से अब दुकानदार भी रसोई संचालकों को राशन सामग्री देने से कतराने लगे हैं।
दरअसल शहर में नगर परिषद के माध्यम से विभिन्न इलाकों में सर्वाधिक आवाजाही वाले स्थानों पर 9 इंदिरा रसोई स्थापित हैं। जिनका संचालन संवेदक के जरिए होता है। इन रसोइयों में 8 रुपए में जरुरतमंद लोगों को भोजन कराने पर अनुदान राशि व अन्य खर्चों का प्रति माह करीब 8-9 लाख रुपए का भुगतान बनता है। रसोई संचालकों का कहना है कि उन्हें अगस्त माह तक के भोजन थाली के टोकनों पर अनुदान राशि का भुगतान मिला है। जबकि सितम्बर 2023 से अप्रेल 2024 तक 8 माह की राशि का भुगतान बकाया है। नगर परिषद सूत्रों के अनुसार भोजन थाली अनुदान सहित अन्य खर्चों का करीब 50 लाख रुपए का भुगतान लंबित है। भुगतान के अभाव में रसोई संचालन की व्यवस्था गड़बड़ाने लगी हैं। उल्लेखनीय है कि गत सरकार कार्यकाल में वर्ष 2020 में प्रथम चरण में 3 और द्वितीय चरण में 6 रसोई खोली गई थीं। वर्तमान में सभी 9 रसोइयां अन्नपूर्णा रसोई के नाम से संचालित हैं।
किराए व बिजली काबकाया
नगर परिषद सूत्रों के अनुसार शहर में 9 में से 7 अन्नपूर्णा रसोई किराए के भवन में संचालित हैं। जिनका मासिक किराया 84 हजार रुपए है। अनुदान का भुगतान नहीं मिलने से भवन किराए का कारीब 6 लाख 72 हजार रुपए बकाया है। गौरतलब है कि अन्नपूर्णा रसोइयों का 10 हजार से 15 हजार रुपए तक का मासिक भवन किराया तय किया हुआ है। इधर राशि जमा नहीं कराने से रसोई घरों का बिजली कनेक्शन कटने की नौबत आ रही है।
कार्मिकों को नहीं मिल रहा पारिश्रमिक
अनुदान राशि का भुगतान नहीं मिलने से अन्नपूर्णा रसोइयों में कार्यरत कार्मिकों को भी पारिश्रमिक के लाले पड़ रहे हैं। रसोईयों में भोजन व अन्य व्यवस्था के लिए महिला रसाईया,बर्तन धोने, सफाई व कप्यूटर ऑपरेङ्क्षटग के लिए सहायक लगाए हुए हैं। मोहन नगर अस्पताल रसोईघर की सहायिका मीरा व मुन्नीदेवी ने बताया कि अल्प मानदेय में भी कई माह के इंतजार से तंगहाली का सामना करना पड़ रहा है।
अन्नपूर्णा रसोई संचालकों का गत 7-8 माह से अनुदान राशि का भुगतान नहीं मिल पाया है। भुगतान राज्य सरकार स्तर से होता है। इस संबंध में जिला कलक्टर कार्यालय को पत्र लिख अवगत कराया है। जल्द ही भुगातान मिलने की उम्मीद है।
सत्येंद्र पाराशर, प्रभारी योजना, नगरपरिषद, हिण्डौनसिटी
फैक्ट फाइल
अन्नपूर्णा रसोइयों का बकाया अनुदान
स्थान राशि
रेलवे स्टेशन 55 हजार 840
मिस्त्री मार्केट 5.48 लाख
जिला चिकित्सालय 8 लाख
पंचायत समिति 7.35लाख
सुखदेव पुरा 4.35लाख
पीलूवाली मस्जिद 4.80 लाख
अनाज मंडी 7 लाख
बायपास तिराहा 6 लाख
गोपाल टाकीज 6.50 लाख
Updated on:
05 May 2024 09:39 pm
Published on:
05 May 2024 09:36 pm
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