
केक काट कर मनाई जयंती, अंबेडकर के सिद्धान्तों का लिया संकल्प
हिण्डौनसिटी. डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती गुरुवार को शहर से लेकर गांवों तक में धूमधाम से मनाई गई। अलीपुरा गांव में ग्रामीणों ने केक काटकर बाबा साहेब की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। साथ ही आनंद विहार कॉलोनी में लोगों ने अंबेडकर के सिद्धान्तों पर चलने का संकल्प लिया।
अलीपुरा गांव में आयोजित जयंती समारोह में श्रीमहावीरजी पंचायत समिति की प्रधान राजेश देवी, बसपा के जिला सचिव रिन्कू कुमार खेडीहैवत व सरपंच हीरा सिंह गुर्जर द्वारा बाबा साहेब की तस्वीर के समक्ष केक काटा गया। ग्रामीणों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। बाद में गांव के गरीब बच्चों को निशुल्क कापी-किताब वितरित की गई। पंचायत संमिति प्रधान ने डा. भीमराव अंबेडकर के बताए मार्ग व सिद्धांतों पर चलने का संकल्प दिलाया। इस दौरान उप सरपंच अखलेशी जाटव, पूर्व सरंपच बनेसिंह, बहादुर सिंह, मनोज, नीरज, राजेंद्र, हंसराम, राहुल, विनोद, वीर सिंह पटेल, राकेश, देवेंद्र, पिंटू, जितेश, हेमंत आदि मौजूद रहे।
इसी प्रकार बयाना रोड स्थित आनंद विहार कॉलोनी के सामुदायिक भवन में हुई विचार गोष्ठी में राष्ट्रपति अवार्डी सेवानिवृत शिक्षक पूरनमल जाटव ने कहा कि कहा कि वे दलितों के मसीहा थे। समाज में फैली विषमता व छुआछूत के विरुद्ध उन्होंने लड़ाई लड़ी। भारतीय संविधान के निर्माण में उनकी अहम भूमिका रही। इनके सिद्धान्तों पर चलना तथा उसे आत्मसात करने से समाज में समता मूलक समाज की स्थापना हो सकेगी। एडवोकेट शांति लाल करसोलिया ने कहा कि आंबेडकर भारतीय विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे। उन्होंने दलितों के साथ किए जाने वाले सामाजिक भेदभाव के खिलाफ अभियान चलाया। श्रमिकों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया। वह स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री एवं भारतीय संविधान के प्रमुख रचनाकार थे। इस दौरान सुआलाल जाटव, राकेश कुमार जगरिया, संतराम वर्मा, रामचरण जगरिया, शेरसिंह सुमन, रामप्रसाद भूपेश्वर, सत्यप्रकाश, रामसिंह, शांतिलाल करसोलिया, उदयसिंह, सुरेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।
Published on:
14 Apr 2022 11:34 pm
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