13 बाद भी नहीं पूरा हो सका चंबल पेयजल परियोजना का काम- समीक्षा बैठक में सुराणा ने ली अधिकारियों की क्लास

13 बाद भी नहीं पूरा हो सका चंबल पेयजल परियोजना का काम- समीक्षा बैठक में सुराणा ने ली अधिकारियों की क्लास

Punit Kumar | Publish: Sep, 27 2017 05:20:04 PM (IST) Karauli, Rajasthan, India

सुराणा ने कहा कि योजना के कुछ कार्यों में सुप्रीम कोर्ट से क्लीयरेंस लेने की गति काफी धीरे रही, इस कारण भी योजना के निर्माण में देरी हो रही है।

विधानसभा की जनलेखा समिति के संयोजक माणिक चंद सुराणा की अध्यक्षता में बुधवार को यहां कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में चम्बल, नादौती-सवाईमाधोपुर पेयजल परियोजना के कार्य की समीक्षा की गई। इस दौरान संयोजक सुराणा ने योजना की कछुआ चाल पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि 13 साल बाद भी योजना से लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। इसका जिम्मेदार कौन है, जिस पर जन स्वास्थ्य आभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी चुप्पी साध गए।

 

 

सुराणा ने कहा कि योजना के कुछ कार्यों में सुप्रीम कोर्ट से क्लीयरेंस लेने की गति काफी धीरे रही, इस कारण भी योजना के निर्माण में देरी हो रही है। समिति के सदस्य गोविन्द सिंह डोटासर, फूलचंद भिण्डा, रामहेत सिंह यादव, अर्जुनलाल गर्ग ने योजना के शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई। तो वहीं इस बैठक में जनस्वास्थ्य आभियांत्रिकी विभाग, जिला कलक्टर अभिमन्यु कुमार ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

 

सरकार और ठेकेदार दोनों को परख रहे...

 

बैठक के बाद समिति के संयोजक माणिकचंद सुरणा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि चम्बल, नादौती-सवाईमाधोपुर पेयजल परियोजना के कार्यों में सरकार के स्तर से छोटी भूल रही है, बाद में ठेकेदार के स्तर से भी गलती रही है। उन्होंने बताया कि सरकार और ठेकेदार दोनों के पक्ष को नाप-तोल रहे हैं। समिति ने योजना के अधूरे कार्यों पर अध्ययन कर लिया है। जिसकी रिपोर्ट विधानसभा की मुख्य समिति को दी जाएगी।

 

पेयजल परियोजना का काम 2018तक कराएंगे पूरा...

 

समिति अध्यक्ष सुरणा ने बताया कि प्रदेश के 926 गांवों में मार्च 2018 तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। समिति पेयजल के मामलों को विशेष तौर पर देख रही है। जबकि समिति सदस्य विधायक गोविन्द सिंह डोटासर ने बताया कि चम्बल, नादौती-सवाईमाधोपुर पेयजल परियोजना के कार्य मार्च तक 2018 तक पूरा हो जाएगा। इसके लिए समिति हरसंभव काम करेगी।

 

योजना का किया निरीक्षण...

 

इससे पहले विधानसभा की जनलेखा समिति के सदस्यों ने मण्डरायल की चम्बल नदी पहुंच कर चम्बल, नादौती-सवाईमाधोपुर पेयजल परियोजना का अवलोकन कर योजना की मंद चाल पर नाराजगी जताई। समिति के माणिकचंद सुरणा ने कहा कि योजना को रेंगते हुए 13 साल हो गए, आखिर कब पूरी होगी। उन्होंने विभाग और कंपनी के अधिकारियों से योजना के अधूरे रहने के बारे में सवाल किया, लेकिन वे जवाब नहीं दे सके।

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