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जरूरतमंद को लोन दे उसे उबारने पर शाबासी खूब सुनी होगी, लेकिन यहां बैंक ने चुकाए जाने पर भी ढोल-नगाड़ों से उसकी फजीहत कर डाली

लोन चुकता, फिर भी उपसरपंच के गांव में बजाए ढोल। बेइज्जत हुए पीडि़त ने की एसपी से शिकायत...

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करौली

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Vijay ram

Jun 16, 2018

Rajasthan News - Latest Hindi News karauli

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धौलपुर/करौली.
जरूरतमंद को लोन देकर उसे उबारने के बहुतेरे प्रयास देखने-सुनने को मिलते हैं, लेकिन हिण्डौन सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड शाखा करौली ने लोन चुकता करने के बाद भी ढोल-नगाड़े बजाकर उसकी इज्जत की फजीहत कर डाली है। इस संबंध में पीडि़त की ओर से एसपी को शिकायत की गई है।

कमरपुर (कोटा) निवासी उपसरपंच हरिचरण ने हिण्डौन सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड के पास अपनी ४ बीघा १२ बिस्वा जमीन रहन रखी।हरिचरण का कहना है कि ३० मार्च २०१६ को ३५ हजार एवं ५० हजार तथा २९ अप्रेल २०१७ को ८७ हजार ७९९ रुपए जमा करा दिए। इस पर बैंक ने भूमि रहन से मुक्त करने और ऋण चुकता होने का नोड्यूज भी दिया। तहसीलदार करौली की ओर से भी १३ जून २०१७ रहन मुक्ति स्वीकार की गई और खाता हरिचरण के नाम से चल रहा है।

चिपकाए पर्चे, सदमे में परिवार
पत्र में आरोप है कि १२ जून को करौली शाखा प्रबंधक व विक्रय अधिकारी सहकारी भूमि हिण्डौन शाखा करौली की ओर से गांव में हरिचरण के फोटो सहित सैकड़ों पर्चे घरों पर चिपकाए और गांव में माइक व ढोल से प्रचार किया गया कि हरिचरण मीना निवासी कमरपुर की भूमि को ऋण जमा नहीं करने पर नीलाम किया जाएगा। पत्र में कहा है कि इससे उसकी बदनामी व बेइज्जती हुई और पूरा परिवार सदमे में आ गया।

प्रार्थी 75 वर्र्षीय वृद्ध और वर्तमान में उपसरपंच ग्राम पंचायत कोटा मामचारी है। गांव में प्रबंधक और स्टाफ ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। पत्र में कहा हैकि शाखा प्रबंधक व स्टाफ ने प्रार्थी के साथ छल कर उसकी भूमि को अपने दस्तावेज में नाम कर लिया है। लोन चुकान के बाद पुन: दर्ज कर परिवर्तित कर लिया है। प्रार्थी ने कूटरचित दस्तावेज करने का भी आरोप लगाया है। प्रार्थी ने शाखा प्रबंधक हिण्डौन सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड शाखा करौली के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

इनका कहना है
शिकायतकर्ता ने २००६ में लोन लिया था। उस समय यह डिफॉल्टर थे। पर्चे अप्रेल २०१७ में बांटे थे। इसके बाद इन्होंने अपना एकाउंट क्लोज करा दिया था। दूसरे के पर्चे बांटने थे, लेकिन भूलवश कार्मिकों से इनके पिछले वाले पंपलेट हाथ आ गए। मैं इनके गांव नहीं गया था, गलती जान-बूझकर नहीं की, जो कुछ भी हुआ भूल से हुआ। इसके लिए हमने क्षमा भी मांगी है। हमने इस भूल के लिए समाचार पत्र के माध्यम से ऋण बकाया नहीं होने की सूचना चस्पा करने की बात भी कही है।
— पवन शर्मा, ब्रांच मैनेजर हिण्डौन सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड शाखा करौली।

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