हिण्डौनसिटी.राइट टू हेल्थ के खिलाफ विधानसभा के घेराव के दौरान चिकित्सकों पर लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को सरकारी चिकित्सकों ने सुबह चिकित्सालयों में दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। साथ ही जयपुर में हुए घटनाक्रम पर रोष जताते हुए निजी अस्पाताल संचालकों ने चिकित्सा सेवाएं बंद रखी। सरकारी और गैरसरकारी क्षेत्र में चिकित्साएं प्रभावित होने से रोगियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
चिकित्सकों ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए)के बैनर तले के एसडीएम सुरेश कुमार हरसोलिया को ज्ञापन सौंपा। साथ ही बिल को लागू नहीं करने की मांग की।
राजकीय जिला चिकित्सालय में सुबह 9 बजे आउटडोर(ओपीडी) में चिकित्सक कक्षों में पहुुुंचने की बजाय अरिस्दा(अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ) के प्रदेश स्तरीय आह्वान पर दो घंटे के कार्य बहिष्कार (पेन डाउन) पर चले गए। सुबह से चिकित्सकोंं के आने की बाट में कक्षों के बाहर बैठे रोगी बेचैन हो गए। ओपीडी शुरू होने के बावजूद कक्षों में चिकित्सकों के नहीं बैठने से रोगी और रोगी और तीमारदार अस्पताल परिसर में संबंधित चिकित्सकों को तलाशते नजर आए। ओपीडी कक्षों में चिकित्सकों के इंतजार में उपचार परामर्श के लिए पर्चियां थामे रोगियों की भीड़ लग गई। वहीं कई तीमारदार गलेरी में स्टे्रचर पर रोगी को लेकर कार्य कार्य बहिष्कार खत्म होने की बाट जोहते नजर आए। राजकीय चिकित्सालय के डॉ. अंकुश अग्रवाल, डॉ डीएन शर्मा व डॉ. रामहरी मीणा ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से लाए जा रहे राइट टू हेल्थ बिल में कई खामियों को लेकर चिकित्सक विरोध कर रहे हैं। बिल में संशोधन की मांग और जयपुर में चिकित्सकों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में सुबह 9 से 11 बजे तक ओपीडी में दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया गया। इधर चिकित्सालय में डॉ. प्रेमसिंह गोगा और डॉ. राजपाल मीणा को इमरजेंसी यूनिट में बैठा कर आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं सुचारू रखी गई।
वार्डों में रहा इंजतार-
वार्डों में भर्ती रोगियों को भी चिकित्सकों के आने का इंतजार किया। चिकित्सक चिकित्सालय पहुंचते हुए दो घंटे के कार्य बहिष्कार पर चले गए। ऐसे में अस्पताल में आउटडोर से लेकर वार्डों तक चिकित्सा सेंवाएं दो घंटे लंबित हो गई।
निजी अस्पताल रहे बंद, सीएम के नाम सौपा ज्ञापन-
जयपुर में चिकित्सकों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में शहर में निजी अस्पतालों ने चिक्तिसा कार्य बंद रखा। आईएमए के बैनर तले चिकित्सकों ने रैली के रूप में तहसील कार्यालय पहुंच विरोध प्रदर्शन किया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
आईएमए की स्थानीय शाखा के अध्यक्ष डॉ. रमेशचंद अग्रवाल व डॉ. ब्रजेश चौधरी ने बताया कि चिकित्सक चिकित्सा सेवाएं बंद कर मोहन नगर स्थित विवेकानंद पार्क में एकत्र हुए। जहां से शांतिपूर्ण रैली निकाल मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने त्रुटिपूर्ण बिल को गलत बता चिकित्सकोंं पर बल प्रयोग पर रोष जताया। इस दौरान डॉ. सुरेश गर्ग, डॉ. तरणजीत सिंह मक्कड़, डॉ. विनोद जिंदल,डॉ उमेश गुप्ता, डॉ. भगवानसिंह, डॉ. विनीता मक्कड़, डॉ.आशा गोयल, डा. कुसुमलता, पूर्व पीएमओ डॉ. नमोनारायण मीणा, डॉ. धर्मेंद्र ङ्क्षसह जादौन, डॉ. मुकेश गुप्ता, डॉ. हेमलता, डॉ. नवाब सिंह सहित अनेक चिकित्सक मौजूद रहे।