हिण्डौनसिटी. राइट टू हेल्थ बिल और चिकित्सकों पर लाठीचार्ज का विरोध जता रहे सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सकों ने आंदोलन को और तेज कर दिया है। निजी चिकित्सकों ने प्राइवेट अस्पतालों व नर्सिंग होमों में चिकित्सा सेवाओं को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया है। वहीं राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों ने अब प्रतिदिन दो घंटे कार्य बहिष्कार करेंगे। जिला चिकित्सालय में आईएमए व अरिस्दा की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया। साथ ही निर्णय का उल्लंघन करनेे पर जुर्माना लगाना भी तय किया गया है।
तीन दिन से चल रहे विरोध प्रदर्शन को तेज करने के लिए सुबह जिला चिकितसालय भवन की छत पर अरिस्दा(अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ) व इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से संबद्ध चिकित्सकों ने एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने राइट टू हेल्थ बिल के कई बिन्दुओं पर एतराज जता कर सुधार करने की मांग की। चिकित्सकों ने एक जुटता दिखाते हुए मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। निजी निजी चिकित्सकों ने कहा कि उन्होंने अपने अस्पतालों पर चिकित्सा सेवाएं बंद कर दी है। नई भर्ती व परामर्श नहीं दे रहे हैं। वहीं सरकारी चिकित्सकों ने भी प्रतिदिन दो घंटे का कार्य बहिष्कार करने के साथ ओपीडी समय बाद घर पर रोगी नहीं देखने की बात कही। इधर सुबह 9 से11 बजे तक चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार करने से ओपीडी में कक्षों में रोगियों की भीड़ लगी रही। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रखी गई। निजी अस्पतालों में पहुंचे मरीजों को भी निराश लौटना पड़ा। इस दौरान डॉ. सुरेश गर्ग, डॉ विनीता मक्कड़, डॉ. मुकेश गुप्ता, डॉ. जलसिंह, डॉ.रामराज, डा. ब्रजेश चौधरी डॉ. अंकुश अग्रवाल, डॉ. आशीष अग्रवाल, डॉ. रामनरेश कुंभकार सहित सरकारी चिकित्सक मौजूद रहे। इस दौरान चिकित्सकों ने प्रमुख चिकित्साअधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र गुप्ता को प्रदेश स्तरीय आह्वान पर किए जा रहे कार्य बहिष्कार का ज्ञापन भी सौंपा।
वैद्य भी आए साथ,आज से दो घंटे करेंगे बहिष्कार
हिण्डौनसिटी.राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में प्रदेश में चल रहे चिकित्सकों के आंदोलन का आयुर्वेद चिकित्सकों ने समर्थन किया है। शनिवार से राजकीय आयुर्वेद चिकित्सक भी सुबह दो घंटे का चिकित्सासेवाओं का बहिष्कार करेंगे।
राजस्थान आयुर्वेद चिकित्साअधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष वैद्य प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया कि बिल में कई खामियां हंै। इसके लिए आयुर्वेद चिकित्सक भी सुबह 9 से 11 बजे तक ऐलोपैथी चिकित्सकों के साथ कार्य बहिष्कार करेंगे।