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पौधों से प्रेम में आंगन को बनाया बगिया, अब बागवानी से फैला रहे हरियाली

हिण्डौनसिटी. फूलों की महक और हरियाली हर किसी को आकर्षित करती है, इसी लगाव से लोग उद्यानों में जाते हैं। पौधों के प्रेमी एक जने ने आंगन को ही बगिया बना दिया। मुनेश धाकड़ ने घर में ही विभिन्न किस्मों के 200 से अधिक पेड़, पौधे व बेल लगाए हुए हैं। अब खुद बागवानी कर हरियाली […]

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हिण्डौनसिटी. फूलों की महक और हरियाली हर किसी को आकर्षित करती है, इसी लगाव से लोग उद्यानों में जाते हैं। पौधों के प्रेमी एक जने ने आंगन को ही बगिया बना दिया। मुनेश धाकड़ ने घर में ही विभिन्न किस्मों के 200 से अधिक पेड़, पौधे व बेल लगाए हुए हैं। अब खुद बागवानी कर हरियाली फैलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। वे स्थानीय वातावरण के विपरीत प्रकृति के पौधे भी रोप रहे हैं। मण्डावरा रोड रेल फाटक के पास के निवासी मुनेश धाकड़ ने बताया कि उन्होंने अपने घर के आंगन और चारों तरफ क्यारियां बना कर फल, फूल और छायादार किस्म के पौधे रोपे हुए हैं। विभिन्न किस्मों के 200 अधिक पौधों और वृक्षों से घर फल और फूलों से लकदक हैं। इसमें सेब, चीकू, चकोतरा, इलायची, कागजी बादाम, फालसा, लीची, आडूसा, तेजपात, जायफल, लाल केला, आलुबुखारा, काजू, जैतून सहित अधिकांश पेड़ पौधे विपरीत वातावरण के हैं। जो घर की बगिया में खूब फल फूल रहे हैं। इन दिनों बगिया में चीकू व चकोतरा का पेड़ फलों से लकदक हैं। कृषक पृष्ठभूमि के मुनेश उद्यानिकी व एग्रो फोरेस्टी के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे पौधे तैयार करने के अभिनव प्रयोग भी करते हैं। इन दिनों उन्होंने गमलों में अन्नास के पौधे तैयार किए हैं।

कोटा में 23 बीघा में लगा रहे पौधे

मुनेश धाकड़ ने बताया कि इन दिन वे कोटा जिले में हिण्डौन के एक जने की 23 बीघा भूमि में पेड़ पौधे रोप रहे हैं। इनमें नीबू, काली हल्दी, आंवला, कटहल, अमरुद, बील सागवान, चंदन आदि के पेड़ शामिल है। वे हिण्डौन में अनेकों घरों में भी किचन गार्डन बना चुके है।

हरितमा से संवारे थे विद्यालय
मंडावरा गांव निवासी सेवानिवृत शिक्षा उपनिदेशक वीर सिंह बेनीवाल का भी प्रकृति प्रेम अनूठा है। उन्होंने जहां सेवाएं दी उस विद्यालय के परिसर को हरियाली से लकदक बनाया। बेनीवाल ने बताया कि उन्होंने कोटा के अलोद के अलावा करौली जिले में खरेटा, काचरौली, कोटा महोली, हिण्डौन, करौली मॉडल स्कूल के बॉटनिकल पार्क तैयार कराए। अलवर में जिला शिक्षा अधिकारी के तौर पर 750 स्कूलों को पौधों से प्राकृतिक लुक दिया। दी। अब वे अपने घर में बगिया बना पौधों के परवरिस में जुटे हैं।