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चातुर्मास के लिए मंगल कलश की स्थापना

चातुर्मास के लिए मंगल कलश की स्थापना करौली जिले में दिगम्बर अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीरजी कस्बे स्थित कमल मंदिर के विमल स्थली परिसर में शोभायात्रा के साथ की 66 वीं जयंती व 26 वां वर्षायोग चातुर्मास मंगल कलश स्थापना के साथ संपन्न हुआ। चातुर्मास मंगल कलश स्थापना कार्यक्रम में सर्वप्रथम मंदिर में देवाग्य, गुरु आज्ञा, आचार्य निमंत्रण, ध्वजारोहण, पुछ्छी परिवर्तन मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से सम्पन्न हुआ। देश भर से जेनोत्तर चातुर्मास स्थल पहुंचे हैं। उन्होंने गुरुवर के पाद प्रक्षालन किया।

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चातुर्मास के लिए मंगल कलश की स्थापना

चातुर्मास के लिए मंगल कलश की स्थापना

चातुर्मास के लिए मंगल कलश की स्थापना

करौली जिले में दिगम्बर अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीरजी कस्बे स्थित कमल मंदिर के विमल स्थली परिसर में शोभायात्रा के साथ की 66 वीं जयंती व 26 वां वर्षायोग चातुर्मास मंगल कलश स्थापना के साथ संपन्न हुआ। कमल मंदिर प्रभारी और श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र के विशेषाधिकारी विकाश पाटनी ने बताया कि चातुर्मास मंगल कलश स्थापना कार्यक्रम में सर्वप्रथम मंदिर में देवाग्य, गुरु आज्ञा, आचार्य निमंत्रण, ध्वजारोहण, पुछ्छी परिवर्तन मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से सम्पन्न हुआ। देश भर से जेनोत्तर चातुर्मास स्थल पहुंचे हैं। उन्होंने गुरुवर के पाद प्रक्षालन किया। इसके बाद कलश यात्रा शुरू हुई। इसमें सैकड़ों लोग 24 तीर्थंकरों के साथ जैन मुनि के जयकारे लगाते जैन धर्म प्रभावना करते चल रहे थे। यात्रा में मधुर स्वर में भजनों की स्वर लहरी बिखर रही थी। जैन मुनि का जगह-जगह पाद प्रक्षालन किया गया। शोभायात्रा आयोजन स्थल पहुंच धर्मसभा में परिवर्तित हुई। यहां जैन मुनि विमल सागर ने धर्मोपदेश दिए। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण, जिनेंद्र प्रभु के चित्र का अनावरण, दीप प्रज्वलन, व शास्त्र भेंट करने से हुआ।
इस दौरान श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र के अध्यक्ष सुधांशू कासलीवाल, मानद मंत्री महेन्द्र पाटनी, पूर्व अध्यक्ष एन के जैन सहित सभी पदाधिकारी एवं जैन समाज के गणमान्य लोगों ने श्रीफल अर्पित कर पाद प्रक्षालन करके मंगल आरती की। धर्मसभा में जैन मुनि विमल सागर ने चातुर्मास कलश स्थापना के महत्व पर प्रकाश डाला। वर्षा योग कलश स्थापना का कार्यक्रम पंडित मुकेश जैन शास्त्री द्वारा मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया।कार्यक्रम के अंत में 101 दीपकों से आरती की गई।