
राज्य बजट 2022 से उम्मीद: अस्पताल में ब्लड बैंक की दरकार, रक्तदाताओं की मांग सुनो सरकार
हिण्डौनसिटी. भरतपुर संभाग में रक्तदाताओं के शहर के नाम पहचान कायम कर रहे हिण्डौन के जिला चिकित्सालय में ही ब्लड बैंक नहीं है। रक्त संग्रहण केन्द्र में नियमित रक्त की उपलब्धता नहीं होने से रोगियों को रैफर होना पड़ता है। वर्षों से चल रही मांग की राह में सरकार की रक्त की वार्षिक खपत की नीति ही रोड़ा बन रही है। इस बार लोगों को फिर से राज्य बजट में 13 वर्ष पुराने रक्त संग्रहण केंद्र के ब्लड बैंक में क्रमोन्नत होने की उम्मीद जगी है।
हिण्डौन जिला चिकित्सालय में रक्तदान शिविरों में रक्तदान तो खूब होता है। लोग हर साल 2 हजार यूनिट तक रक्तदान कर देते हैं। इसके बाद भी एक चौथाई रोगियों को ही रक्त मिल पाता है। शहरवासियों द्वारा दान किया ब्लड इधर-उधर चला जाता है। संग्रहण केंद्र के रीतने पर रोगियों को रक्त की जरुरत के चलते रैफर की राह देखनी पड़ती है। ब्लड बैंक के अभाव में लोगों द्वारा किए रक्तदान की तुलना में चिकित्सालय में करीब 30 प्रतिशत रक्त ही रोगियों को मिल पा रहा है। जबकि शेष रक्त जयपुर व करौली सहित अन्य शहरों की ब्लड बैंकों में खप रहा है।
चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के साथ चिकित्सालय में जटिल उपचार व एनीमिया के रोगियों को रक्त चढ़ाया जाता है। लेकिन रक्त संग्रहण केंद्र में रक्त की सीमित उपलब्धता के चलते लाभांवित रोगियों का आंकडा 500 के अंक आस-पास टिका रहता है। बीते 5 वर्ष में वर्ष 2021 में सर्वाधिक 508 यूनिट रक्त रोगियों को लगाया गया। जबकि वर्ष 2020 में 436 रोगियों को रक्त चढ़ाया गया है। जो शहरवासियों द्वारा किए रक्तदान से काफी कम है। रक्तदान की मुहिम जुड़े लोगों का कहना है कि चिकित्सालय में ब्लड बैंक खुलने से शिविरों के अलावा आम दिनों में स्वैच्छिक रक्तदान को बढावा मिलेगा। वहीं हर जरुरतमंद रोगी को जीवन रक्षा के लिए सहज रक्त मिल सकेगा।
पांच वर्ष में रोगियों को मिला 1240 यूनिट रक्त-
शहर में भले ही लोग प्रति वर्ष दो हजार यूनिट से अधिक रक्तदान करते हैं, लेकिन अस्पताल में बीते पांच वर्ष में रोगियों की रगों में महज 1240 यूनिट रक्त ही पहुंच पाया है। यह आंकड़ा रक्त संग्रहण केन्द्र में रक्त की नियमित अनुपलब्धता की बानगी है। वर्ष 2017 में तो पूरे साल में 48 रोगियों को रक्त चढ़ा था। अन्य वर्षों में यह संख्या सौ से सवा सौ के बीच रही। रोगियों को रक्त चढ़ाने का आंकड़ा वर्ष 2021 में 508 तक ही पहुंच सका।
एक दशक बाद भी नहीं बदला हाल-
राज्य सरकार ने वर्ष 2009 में चिकित्सालय में रक्त संग्रहण केन्द्र खोला गया था। रक्त की आपूर्ति के लिए मदर ब्लड बैंक करौली के अधीनस्थ संचालन तय किया गया। करौली से रक्त की आपूर्ति नहीं मिलने पर जयपुरिया अस्पताल की ब्लड बैंक को रक्त संग्रहण केन्द्र की द्वितीय मदर ब्लड बैंक बना दिया। लेकिन प्रति वर्ष दा़े हजार यूनिट रक्तदान के बाद भी 13 वर्ष में संग्रहण केंद्र ब्लड बैंक में क्रमोन्नत नहीं हो सका।
रक्त मिले तो पूरे हों मानक-
रक्त संग्रहण केन्द्र में नियमित रक्त की आपूर्ति के अभाव में ब्लड बैंक के लिए 2000 यूनिट रक्त की खपत का मानक पूरा नहीं हो पा रहा है। दो माह रीता रहने के बाद रक्त संग्रहण केंद्र में 30 जनवरी को 55 यूनिट रक्त की आपूर्ति हुई। जबकि शहीद दिवस पर पर भारत विकास परिषद की ओर से लगे शिविर में 150 लोगों ने रक्तदान किया था। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार मदर ब्लड बैंक से रक्त की मांग के अनुरूप नियमित आपूर्ति मिले तो एक वर्ष में रक्त की खपत की दो हजार यूनिट से अधिक हो जाएगी।
रक्त के अभाव में ढाई सौ से अधिक रैफर-
जिला चिकित्सालय में समय पर रक्त की उपब्धता नहीं होने से वर्ष 2021 में 250 से अधिक रोगियों को रैफर किया गया। जिससे अन्य अस्पताल में पहुंचे रक्त चढ़वा का जांन बचाई जा सके। रक्त के लिए सर्वाधिक 142 महिलाएं प्रसूति वार्ड से रैफर हुई हैं। वहीं 26 गर्भवतियों के सुरक्षित प्रसव के लिए रैफर की राह देखनी पड़ी। मेडिकल वार्ड से 82 रोगियों को रक्त चढ़वाने के लिए रैफर किया गया। रक्त के अभाव में सर्जीकल वार्ड व ऑपरेशन थियेटर में जोखिम नहीं उठाई गई। बीते वर्ष में ऑपरेशन थियेटर में एक यूनिट रक्त का उपयोग किया गया।
फैक्ट फाइल
वर्ष रक्त चढ़ा(यूनिट)
2017 48
2018 142
2019 106
2020 436
2021 508
2021 में यूं चढ़ाया रगों में रक्त-
वार्ड रक्त यूनिट
मेडिकल 285
प्रसूति 211
सर्जीकल 07
ऑपरेशन थियेटर 01
शिशु 04
रक्त की कुल आपूर्ति 508
इनका कहना है
ब्लड बैंक की महति आवश्यकता है। रक्त की कमी से वर्ष में 2 हजार यूनिट की खपत का मापदण्ड पूरा नहीं हो पाता है। विभागीय स्तर पर ब्लड बैंक खुलवाने के प्रस्ताव भिजवाए हैं। साथ ही प्रशासनिक व जनप्रतिनिधि स्तर के प्रयास किए गए हैं।
डॉ. नमोनारायण मीणा, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी
जिला चिकित्सालय हिण्डौनसिटी.
गत दिनों जयपुर में मुख्यमंत्री से मुलाकात पर जिला चिकित्सालय में ब्लड बैंक खुलवाने के लिए मांग पत्र सौपा है। आगामी दिनों में पेश होने वाले राज्य बजट में ब्लड बैंक स्वीकृति की घोषणा की पूरी उम्मीद है।
भरोसीलाल जाटव, विधायक हिण्डौन।
Published on:
18 Feb 2022 11:56 pm
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