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दगाबाज ई-मित्र:आधार का पंजीयन नि:शुल्क, फिर भी वसूले 100 से 120 रुपए!

Fraudulent E-Mitra: Registration of Aadhar is free, yet 100 to 120 rupees charged!-दो ई-मित्र संचालकों के लाइसेन्स सस्पेंड, सात हजार रुपए का ठोका जुर्माना

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दगाबाज ई-मित्र:आधार का पंजीयन नि:शुल्क, फिर भी वसूले 100 से 120 रुपए!

दगाबाज ई-मित्र:आधार का पंजीयन नि:शुल्क, फिर भी वसूले 100 से 120 रुपए!


हिण्डौनसिटी. सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और आमजन तक सीधा लाभ पहुंचाने का सेतू बने ई-मित्रों पर ठगी का खुला खेल चल रहा है। भले ही उपखंड प्रशासन इन दगाबाज ई-मित्रों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन मोटी कमाई के चक्कर में ई-मित्र कियोस्क संचालक सरकारी नियमों को ठेंगा बताने से फिर भी नहीं चूक रहे हैं।
बुधवार को प्रशासन द्वारा दो ई-मित्र केन्द्रों के खिलाफ अनुज्ञापत्र निलंबन और जुर्माना आरोपित करने की कार्रवाई की गई। दोषी पाए गए एक ई-मित्र कियोस्क संचालक ने आधार कार्ड का नि:शुल्क पंजीयन होने के बावजूद कई लोगों से पंजीयन शुल्क के रुप में 100 से 120 रुपए वसूल कर लिए। जबकि दूसरे ई-मित्र संचालक ने रेलवे टिकट बुक कराने पर उपभोक्ता से निर्धारित से अधिक रुपए वसूल किए थे।


एसडीएम अनूप सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से आधार कार्ड का पजीयन नि:शुल्क किया जाता है। इतना ही नहीं ई-मित्र संचालक द्वारा उपभोक्ता को आवेदन पत्र भी नि:शुल्क उपलब्ध कराना होता है। इसके बावजूद टोडुपुरा के राजीव गांधी सेवा केन्द्र स्थित ई-मित्र कियोस्क संचालक ने पांच लोगों से आधार पंजीयन के एवज में 100 से 120 रुपए तक वसूल कर लिए।

जांच करने पहुंचे प्रोग्रामर भूपेन्द्र महावर ने सत्यापण के लिए उपभोक्ताओं को फोन किए तो मामले का खुलासा हुआ। इस पर एसडीएम निर्देश पर ई-मित्र केन्द्र का लाईसेन्स सस्पेंड कर पांच हजार रुपए का जुर्माना ठोका गया है। प्रोग्रामर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान ई-मित्र पर कोविड एडवाईजरी का उल्लंघन, विभागीय आदेशों की अवहेलना होना पाया गया। निर्धारित दरों की सूची भी नहीं मिली।

रेल टिकट के एवज में वसूला दोगुना शुल्क-
शेरपुर के राजीव गांधी सेवा केन्द्र पर ई-मित्र कियोस्क संचालक के खिलाफ शेरपुर निवासी रामचरण ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप था कि रेल टिकिट आरक्षित कराने के लिए उसने निर्धारित राशि 319 रुपए ई-मित्र संचालक को दी। लेकिन तकनीकी खामी के कारण टिकिट बुक नहीं हुआ।

टिकिट निरस्त होने के बाद 319 रुपए ई-मित्र कियोस्क के खाते में आ गए, लेकिन उसने उपभोक्ता को नहीं लौटाए। इसके बाद टिकट बुक कराने के लिए फिर रुपए वसूल कर लिए। यानि 319 रुपए के एक रेल टिकट बुक करने के लिए ई-मित्र संचालक ने उपभोक्ता से 600 रुपए वसूल कर लिए। प्रोग्रामर भूपेद्र महावर ने इसकी जांच की तो, शिकायत सही पाई गई। इस पर एसडीएम ने ओवरचार्जिंग के आरोप में ई-मित्र कियोस्क संचालक का अनुज्ञापत्र निलंबित कर दिया। साथ ही दो हजार रुपए की शास्ति आरोपित की गई है।