हिण्डौनसिटी. सरकार गांवों को सहकारी डेयरी से जोड़ रोजगार के अवसर सृजित करने एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने पर जोर दे रही है। लेकिन सवाई माधोपुर व करौली के जिले के 1342 राजस्व गांव डेयरी से जुड़े नहीं हैं। सवाई माधोपुर-करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ में दोनों जिलों के महज 368 गांवों की सम्बद्धता होने से दूध की आपूर्ति कर रहे हैं। सरकार सहकारी डेयरी से स्वरोजगार के लक्ष्य तय कर रही है। लेकिन डेयरी संघ में रोजगार देने की रफ्तार कमजोर है।
डेयरी संघ द्वारा दोनों जिलों में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के जरिए पशु पालकों से दूध का संकलन किया जाता है। करीब पर चार दशक पुराना सवाई माधोपुर-करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ महज 21 फीसदी गांवों को जोड़ पाया है। सहकारी डेयरी संघ से वंचित गांवों के पशुपालकों का दूध खुले बाजार और निजी क्षेत्र की डेयरियों में खप रहा है। ऐसे में पशु पालकों को सरकार की सहकारी डेयरी की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गौरतलब है कि वर्ष बजट में सरकार ने प्रदेश भर में 2 हजार 500 नवीन दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों का पंजीकरण करना प्रस्तावित किया था। करौली व सवाई माधोपुर में 9 नई समितियों का ही गठन हो सका। ऐसे में नए बजट सहकारी डेयरी से स्वरोजगार की आस दूर की कौड़ी लग रही है।
64 समितियां ला रही दूध, 228 बंद
डेयरी संघ ने 368 गांवों में 292 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां पंजीकृत की हुई हैं, लेकिन डेयरी के संकलन केंद्रों व बीएमसी पर 64 समितियां ही दूध की आपूर्ति दे रही हैं। दोनों जिलों में 228 समिति बंद पड़ी हैं। ऐसे में डेयरी में प्रति दिन 22 से 25 हजार लीटर दूध का संकलन हो पा रहा है। वहीं 108 में से 44 दुग्ध संकलन केंद्र चालू हालत में हैं। 75 प्रतिशत से दुग्ध उत्पादक समितियों के निष्क्रिय होने से 23 में से 10 बीएमसी (बल्क मिल्क चिलर) बंद पड़े हैं।
आधे से ज्यादा बूथ बंद, आवक से आधी दूध ब्रिकी-
उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त दूध व दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए डेयरी संघ ने दोनों जिलों के शहर कस्बों में 225 बूथ स्थापित किए हुए हैं। लेकिन आधे से अधिक बूथों के संचालित नहीं होने से डेयरी में कुल आवक से आधी दूध की ब्रिकी हो रही है। चालू 75 बूथों से प्रति दिन 10 से 12 हजार लीटर दूध का औसत विपणन होता है। जबकि दूध का संकलन करीब 22 से 25 हजार लीटर है। डेयरी संघ के अधिशेष दूध से घी व मिल्क पाउडर बनाने पड़ रह हैं।
हिण्डौन में 25 में से एक बूथ खुला
वर्ष 2019 की बजट घोषणा की पालना में शहर में महज एक सरस डेयरी बूथ खुल सका है। जबकि 24 अन्य आवेदकों को चार वर्ष से डेयरी के बूथ की स्वीकृति का इंतजार है। दो वर्ष पहले भी 35 नए बूथों के लिए के लिए युवाओं से आवेदन मांगे गए थे। वे ही क्रियान्वयण की धीमी चाल में अटके हुए हैं।
इनका कहना है
सहकारी डेयरी से वंचित गांवों में पशुपालकों को जागरुक कर सम्बद्ध किया जाएगा। निष्क्रिय समिति को सक्रिय करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। बीते वर्ष में 9 समितियों का गठन का 44 नए दुग्ध संकलन केंद्र खोले गए।
सुबेदीन खान, एमडी,
सवाईमाधोपुर-करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ, सवाईमाधोपुर।
फैक्ट फाइल
कुल दुग्ध उत्पादक समिति 292
चालू दुग्ध उत्पादक समिति 64
कुल दुग्ध संकलन केंद्र 108
चालू दुग्ध संकलन केंद्र- 44
कुल राजस्व गांव- 1710
डेयरी से जुडे गांव 368
कुल डेयरी बूथ- 225
चालू बूथ- 75
कुल बीएमसी 23
चालू बीएमसी 10
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राजीविका संकलन केंद्र 20
चालू केंद्र 1
राजीविका डेयरी बूथ 27
चालू बूथ 4
